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पत्नी की हत्या करने वाले पति को सात वर्ष के कारावास की सजा

हापुड़।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने दहेज की मांग पूरा न होने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर पंद्रह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि गांव बक्सर निवासी मदन ने थाना सिंभावली में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उसने अपनी पुत्री सुंदरी की शादी नौ मई 2016 को हिंदू रीति रिवाज के साथ मोनू पुत्र हेतराम निवासी गांव सिखैड़ा थाना सिंभावली के साथ की थी। शादी के बाद कुछ दिन पति-पत्नी में सब कुछ सही रहा। लेकिन शादी में दिए गए दान-दहेज से पति व सुसराल पक्ष के अन्य लोग खुश नहीं थे।

जिसके चलते पति मोनू व सुसराल पक्ष के लोग उसकी पुत्री के साथ मारपीट भी करते थे। वह लोग दहेज में मोटरसाइकिल व पचास हजार रुपये नगद की मांग कर रहे थे। सुंदरी ने घर आकर सुसराल पक्ष की दहेज की मांग के बारे में उन्हें व अन्य परिजनों को बताया। जिस पर उनके द्वारा मोनू को काफी समझाया भी गया। दहेज की मांग पूरा न होने पर 28 अगस्त 2016 सूचना मिली कि मोनू ने सुंदरी को जलाकर मार दिया है। उस वक्त उनकी पुत्री तीन माह की गर्भवती भी थी।

पुलिस ने दहेज हत्या सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट कर



मामले के आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। उनके द्वारा अभियोजन पक्ष की तरफ से कई गवाह न्यायालय में पेश किए। साथ ही आरोपी के खिलाफ कई साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए। दोनो पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीशी मृदुल दुबे ने मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने पति मोनू को दहेज हत्या को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर पंद्रह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
















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