पानी छोड़ जाने से खतरे के निशान से 13 मीटर ऊपर बह रही है गंगा, बाढ़ का खतरा ,खेतों व घरों में घुसा पानी, गांवों से सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं लोग, प्रशासन अर्लट

पानी छोड़ जाने से खतरे के निशान से 13 मीटर ऊपर बह रही है गंगा, बाढ़ का खतरा ,खेतों व घरों में घुसा पानी, गांवों से सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं लोग, प्रशासन अर्लट
,हापुड़।
तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में भारी बरसात के कारण हरिद्वार बैराज से छोड़े जा रहे पानी के चलते गंगा ने खतरे के निशान को पार कर 13 मीटर ऊपर चल रहा है ,जिस कारण बाढ़ के खतरे की स्थिति बनी हुई है। घरों व खेतों में पानी भरने के किरण लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। हांलांकि जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर निगाहें रखे हुए हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से अचानक गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से गढ़ के गांव काकाठेर की मढैया और कुदैनी की मढैया जैसे गांवों में पानी घरों के पास तक पहुंच चुका है और स्थानीय स्कूलों के परिसर जलमग्न हो चुके हैं।पशुओं के चारे की समस्या भी दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। खेतों में रखा चारा भीग गया है और नया चारा लाना मुश्किल हो गया है।
गढ़ खादर के दर्जनों गांव काकाटेर, कुदैनी,, नयागांव, नयाबांस, गंगानगर, लठीरा में पानी भर गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम तक बढ़कर 199.26 मीटर पहुंच गया है। शुक्रवार को जल स्तर खतरे के निशान 199.33 पार कर 199.46 तक पहुंच गया है, जिससे बाढ़ जैसे हालात हो रहे हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
काकाठेर की मढैया स्थित सरकारी विद्यालय के प्रांगण और कमरों में पानी भर गया है। स्कूल में बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। है। अधिकतर छात्र खेतों व कच्चे रास्तों से होकर आवागमन कर रहे हैं, जो अब जलमग्न हैं।
एसडीएम ने टीम के साथ किया निरीक्षण, बुधवार की रात को डीएम – एसपी ने गंगा तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। जिसके बाद एसडीएम श्रीराम यादव ने शुक्रवार को खादर समेत ब्रजघाट के गंगानगर गांव में पहुंचकर निरीक्षण किया। नाव और ट्रैक्टर में सवार होकर गंगानगर में पहुंचे। जहां लोगों से वार्ता कर जलस्तर से बचाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर अधिक होता है सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा। वहीं, गांव में राशन की व्यवस्था कराने की बात कही। इसके अलावा नावों की व्यवस्था भी कराई गई है। जिससे किसी को आने जाने में परेशानी हो सके।












