डीएलएड प्रशिक्षुओं ने किया सूर्य नमस्कार, भुजंगासन का अभ्यास; योगाचार्य ने बताया वात, कफ, पित्त संतुलन में योग की भूमिका

डायट हापुड़ में योग सप्ताह का दूसरा दिन, प्राचार्य ने कहा- योग को बनाएं जीवन का हिस्सा
डीएलएड प्रशिक्षुओं ने किया सूर्य नमस्कार, भुजंगासन का अभ्यास; योगाचार्य ने बताया वात, कफ, पित्त संतुलन में योग की भूमिका
हापुड़। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट हापुड़ में चल रहे योग सप्ताह के दूसरे दिन प्रशिक्षुओं ने उत्साह से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में डायट प्राचार्य ज्योति दीक्षित ने डीएलएड प्रशिक्षुओं को योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की सलाह दी।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी योग
प्राचार्य ज्योति दीक्षित ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। योग तनाव कम करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। हर व्यक्ति को रोजाना योग करना चाहिए।
पूर्व सभासद ने किया प्रेरित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व सभासद नरेश कुमार रहे। उन्होंने प्रशिक्षुओं को योग की प्रासंगिकता समझाई और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि युवा पीढ़ी योग से जुड़ेगी तो स्वस्थ समाज बनेगा।
योगाचार्य ने कराया आसनों का अभ्यास
योग सत्र का संचालन योगाचार्य मनीष शर्मा ने किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, ताड़ासन और वज्रासन का अभ्यास कराया। साथ ही इन आसनों से शरीर और मन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव बताए। उन्होंने आयुर्वेद के अनुसार वात, कफ और पित्त के संतुलन में योग की भूमिका समझाई।
प्रतियोगिताओं में लें भाग
मनीष शर्मा ने बताया कि योग सप्ताह के तहत निबंध, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम में डायट के सभी प्रवक्ता, कर्मचारी और डीएलएड प्रशिक्षु मौजूद रहे। अंत में सभी ने नियमित योग करने और योग का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।











