जिलें के तीन मेडिकल कॉलेजों पर खुफिया विभाग की निगाहें, कश्मीरी चिकित्सकों की खंगाल सकते हैं कुंडली

जिलें के तीन मेडिकल कॉलेजों पर खुफिया विभाग की निगाहें, कश्मीरी चिकित्सकों की खंगाल सकते हैं कुंडली
, हापुड़।
थाना पिलखुवा क्षेत्र स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज के अस्टिटेंट प्रोफेसर के हिरासत के 48 घंटे बाद भी कोई खबर नहीं मिली है। इसी थाना क्षेत्र के तीन मेडिकल कॉलेजों पर खुफिया एजेंसियों की नजर है और वे यहां पर नौकरी या पढ़ाई कर रहे कश्मीरियों पर निगाहें रखे हैं।
जानकारी के अनुसार दिल्ली ब्लास्ट के बाद पिलखुवा के जीएस मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फारुख अहमद डार की गिरफ्तारी के 48 घंटे बाद भी कोई सूचना ना मिलने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन में बैचेनी है, वहीं इसी थाना क्षेत्र स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज व रामा मेडिकल कॉलेज में प्रैक्टिस करने और डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले कश्मीरी मूल के छात्रों पर नजर रखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि डॉ. फारुख अहमद डार दिल्ली धमाके की सरगना शाहीन के भाई डॉ. परवेज अंसारी के संपर्क में था। इसलिए वह जांच एजेंसियों के रडार पर आया। इधर डॉ. फारुख की गिरफ्तारी के बाद अब खुफिया विभाग भी हरकत में आ गया है।
जीएस मेडिकल कॉलेज से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फारुख अहमद डार गिरफ्तार हुए तो संवेदनशीलता और भी बढ़ गई है। यही वजह है कि दिल्ली में धमाके के बाद खुफिया तंत्र अल इन दोनों के परिजनों-रिश्तेदारों तक की कुंडली खगाली जा रही है।
खुफिया एजेंसी सूत्रों के अनुसार तीनों मेडिकल कॉलेजों में कश्मीर से संबंधित सभी चिकित्सक व छात्रों की भी कुंडली खंगाली जा सकती है । मेरठ व हापुड़ की इंटेलीजेंस की टीमें सक्रिय हो गई हैं।
एएसपी विनीत भटनागर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी पूरी जांच और निगरानी की जा रही है।












