अखिल भारतीय युवा वैश्य महासम्मेलन ने किया सम्मान समारोह आयोजित, हापुड़ के मुख्य चौराहे पर लगे महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा – विनीत शारदा, सचिन गोयल सर्राफ

अखिल भारतीय युवा वैश्य महासम्मेलन ने किया सम्मान समारोह आयोजित, हापुड़ के मुख्य चौराहे पर लगे महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा – विनीत शारदा, सचिन गोयल सर्राफ
हापुड़ (यर्थाथ अग्रवाल मुन्ना)।
अखिल भारतीय युवा वैश्य महासम्मेलन हापुड़ जिला कमेटी द्वारा सम्मान समारोह किया ।जिसमें विनीत शारदा जी विनोद गुप्ता जी का सम्मान किया गया ।समारोह में महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा चौराहे पर लगने के लिए विचार किया गया।
सभा में जिला अध्यक्ष सचिन गोयल सर्राफ, महामंत्री आशीष मित्तल, राहुल बंसल अरुण जिंदल हर्षित अग्रवाल वैभव गुप्ता यशु अग्रवाल रोहित अग्रवाल यतीश बंसल, प्रशांत बंसल, दीपक गर्ग, विवेक गर्ग , आदि उपस्थित रहे।
“वैश्य समाज सिर्फ व्यापार नहीं, राष्ट्र सेवा और संस्कारों की सबसे बड़ी शक्ति है — विनीत अग्रवाल शारदा”
“‘एक ईंट, एक रुपया’ की परंपरा आज भी जिंदा है, वैश्य समाज हर संकट में देश के साथ खड़ा रहा है — विनीत अग्रवाल शारदा”
“महिला अधिकारों पर विपक्ष का प्रहार, मातृशक्ति का अपमान—कांग्रेस-सपा ने फिर दिखाया असली चेहरा — विनीत अग्रवाल शारदा”
हापुड़ में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में वैश्य एवं अग्रवाल समाज ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं श्री अग्रसेन सेवा ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष विनीत अग्रवाल शारदा जी का अभूतपूर्व स्वागत किया। उमड़ी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि वैश्य समाज अब राष्ट्र की दिशा तय करने वाला सशक्त नेतृत्व है।
अपने जोशीले और आक्रामक संबोधन में श्री शारदा ने कहा कि वैश्य समाज हिंदुत्व, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की रीढ़ है। हम महाराजा अग्रसेन के वंशज हैं, जिनका “एक ईंट, एक रुपया” सिद्धांत सच्चे समाजवाद का जीवंत उदाहरण है।
उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और उनके सहयोगियों ने हमेशा वैश्य समाज, व्यापारियों और सनातन मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास किया।समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश दंगों, कर्फ्यू और असुरक्षा से जूझता था—उत्तर प्रदेश बदनाम था।
विनीत शारदा ने गर्जना करते हुए कहा कि आज श्री नरेंद्र मोदी जी और श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में देश और प्रदेश ने नई पहचान बनाई है—जहां विकास, सुरक्षा और संस्कृति साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
श्री शारदा ने विस्तार से बताया कि—
• दिल्ली से मेरठ तक “नमो भारत” जैसी आधुनिक ट्रेन सेवा ने नए युग की शुरुआत की
• देशभर में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ
• एक्सप्रेसवे और सड़कों का जाल बिछाकर कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई दी गई
• उत्तर प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हुई
• कानून-व्यवस्था को मजबूत कर अपराधियों पर सख्ती की गई—आज अपराधियों के लिए केवल जेल या पलायन या यमराज के पास जाने का ही विकल्प है
• समाजवादी पार्टी की सरकार में दंगों और कर्फ्यू से जूझता उत्तर प्रदेश आज श्री मोदी श्री योगी क सरकार में “रामराज्य” की ओर अग्रसर है
उन्होंने कहा कि पहले जहां टाटा, बिरला, अंबानी, अडानी ओर देश विदेश के बड़े उद्योगपति उत्तर प्रदेश में निवेश करने से कतराते थे, वहीं आज देश-विदेश के निवेशक उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापित कर रहे हैं। यह बदलते विश्वास और मजबूत नेतृत्व का प्रमाण है।
स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले देश में गिने-चुने AIIMS संस्थान थे, जबकि आज उनकी संख्या कई गुना बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में AIIMS गोरखपुर ,रायबरेली में खोले गए उनके सहित अधिकांश हर जिले में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हुआ है और प्रदेश स्वास्थ्य सुविधाओं में नई दिशा की ओर बढ़ रहा है।
महिला आरक्षण विधेयक पर विनीत शारदा ने बेहद तीखे शब्दों में कहा—
“विपक्ष ने एक बार फिर अपनी सोच उजागर कर दी है। जो दल मंचों से महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, वही संसद में उनके अधिकारों को रोकते हैं। यह मातृशक्ति का सीधा अपमान है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने साबित कर दिया कि उनके लिए राजनीति बड़ी है, महिलाओं का सम्मान नहीं। देश की बहन-बेटियां इसका जवाब देंगी।”
उन्होंने कहा कि वैश्य समाज ने हर संकट में देश का साथ दिया है—चाहे भामाशाह का त्याग हो या कोरोना काल में समाज द्वारा खोले गए भंडार और रसोई।
अपने संबोधन में उन्होंने मेरठ में बन रहे भव्य “अग्रोहा धाम” का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री अग्रसेन सेवा ट्रस्ट द्वारा महाराजा अग्रसेन मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, माता पार्वती मंदिर, भगवान हनुमान जी की विशाल प्रतिमा, 72 फ्लैट्स का वृद्धाश्रम और 50 बेड का अस्पताल तेजी से बन रहा है। यह धाम आने वाले समय में वैश्य समाज की आस्था और सेवा का केंद्र बनेगा।
अंत में श्री विनीत अग्रवाल शारदा ने सभी से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर समाज, संस्कृति और राष्ट्रहित में आगे बढ़ें—क्योंकि जब वैश्य समाज खड़ा होता है, तो राष्ट्र मजबूत होता है।











