खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 4 माह में भरे 195 नमूने, 113 नमूने फेल

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 4 माह में भरे 195 नमूने, 113 नमूने फेल
-27 मामले एसीजेएम व 68 एडीएम कोर्ट में दर्ज कराये
-एडीएम कोर्ट ने 59 मामलों में लगाया 36 लाख का जुर्माना
-दूध के 14 नमूने फेल आने पर 3 लाख 35 हजार का जुर्माना लगाया
,हापुड़।
समय समय पर मिलावट खोरों के खिलाफ चलाये गये छापामार अभियान व निरीक्षण में वित्तीय वर्ष 2025-26 में चार माह में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जनपद में विभिन्न स्थानों से पेय व खाद्य पदार्थों के 195 नमूने भरकर जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला भेजे गये। जांच में 113 नमूने फेल आये है। जबकि विभाग द्वारा 68 मामले अपर जिलाधिकारी न्यायालय व 27 मामले एसीजेएम कोर्ट में दायर किये है। एडीएम कोर्ट ने 59 मामलों में 36 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
मिलावटी खाद्य व पेय पदार्थ का सेवन करने से मनुष्य के शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खाद्य व पेय पदार्थ में होने वाली मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए शासन व जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर पदार्थों के नमूने भरकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे जाते है। जांच रिपोर्ट अनसेफ आने पर न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाता है। न्यायालय द्वारा जुर्माना लगाने के साथ-साथ सजा भी सुनाई जाती है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय सुनील कुमार ने बताया कि शासन व जिलाधिकारी के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में गत अप्रैल से लेकर 31 जुलाई तक समय-समय पर मिलावट खोरों के खिलाफ चलाये गये अभियान में विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्थानों से खाद्य व पेय पदार्थ के 195 नमूने भरकर जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला भेजे गये। जिसमें 113 नमूने फेल व शेष की जांच रिपोर्ट आने के उपरांत अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
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कोर्ट ने 36 लाख का लगाया जुर्माना
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय सुनील कुमार ने बताया कि एडीएम कोर्ट में दायर किये गये 68 मामलों में कोर्ट ने 59 मामलों में 36 लाख का जुर्माना लगाया है।
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न्यायालय में दायर किये गये मामले
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय सुनील कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा 27 मामले एसीजेएम न्यायालय में दर्ज कराये गये है।
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अधिकारियों ने किये ताबड़तोड़ निरीक्षण
आपको बता दें कि शासन व जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ताबड़तोड़ निरीक्षण किये गये।
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मिलावटी पदार्थ नहीं बिकने दिये जायेंगे
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय सुनील कुमार ने बताया कि जनपद में किसी भी कीमत पर मिलावटी खाद्य व पेय पदार्थ नहीं बिकने दिया जायेगा। क्योंकि मिलावटी खाद्य व पेय पदार्थ का सेवन करने से मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय ने बताया कि जनपद में मिलावटी खाद्य व पेय पदार्थ बनने व बिक्री करने की सूचना मिलने पर विभागीय अधिकारियों की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर पदार्थों के नमूने भरकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजती है। जांच रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्यवाही की जाती है।












