कार्तिक गंगा मेलें में 2.17 लाख की नकली नोट लेकर बंगाल से आ रहे अलीगढ़ निवासी जिकरुल हसन को किया गिरफ्तार, तीन लाख रुपए के बदले 10 लाख रुपए की मिलती थे नकली नोट

हापुड़/ अलीगढ़।
अलीगढ़ पुलिस ने पश्चिमी बंगाल से 2.17 लाख की नकली नोट लाकर कार्तिक गंगा मेलें में चलाने के लिए लाते समय गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को
तीन लाख रुपए के बदले 10 लाख रुपए नकली नोट मिलते थे ।
अलीगढ़ एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक व सीओ प्रथम मयंक पाठक ने बताया कि ये घटनाक्रम शुक्रवार रात करीब 9 बजे का है। जब देहली गेट के खैर रोड सुभाष मार्केट के जनसेवा केंद्र पर एक युवक रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने पहुंचा। वहां संदेह होने पर उसे लोगों की सूचना पर पुलिस टीम ने दबोच लिया।
आरोपी ने अपना नाम कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव गणेशपुर बाग का जिकरुल हसन बताया। अलीगढ़ के देहली गेट इलाके में अपनी ससुराल में रहता है। आरोपी पहले रोरावर से नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था। जमानत पर छूटकर आने के बाद फिर से इसी धंधे में सक्रिय हो गया।
पुलिस टीम भी इसके पीछे लगी हुई थी।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि घटना के समय भागा कासगंज का ही उसका दोस्त बारिक पहले से इस धंधे में शामिल रहा है। उसी के कहने पर लालच में वह इस धंधे में शामिल हुआ। उसकी मदद से वह पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचकर नकली नोट लेकर आते थे। उन्हें वहां तीन लाख रुपये में 10 लाख की नकली करेंसी मिला करती है।
जिकरुल के अनुसार बारिक संग मालदा में ही उसकी मुलाकात जुबेर से हुई। वही उन्हें नोट देता है। पिछले दिनों जेल जाने पर उसकी मुलाकात जेल में मुकेश उर्फ अमन से हुई। जमानत पर आने के बाद मुकेश ने ही उसे बाइक व मोबाइल दिलाया। फिर बारिक ने उसे अबकी
बार मालदा से नोट लाकर दिए। घटना वाले दिन वह जुबेर द्वारा भेजे गए मालदा के व्यक्ति के क्यूआर कोड में रुपये डालने गया था। यह रुपये वहां उसे एडवांस के लिए भेजने थे।
तभी पकड़ा गया। अब तक बारिक व जिकरुल पिछले कुछ समय में बीस लाख की नकली करेंसी लेकर आए हैं। जिसमें से कुछ बाजार में चला दी है। कुछ अभी बारिक के पास है। एसपी सिटी के अनुसार अब बारिक व मुकेश की तलाश की जा रही है। उनसे बाकी करेंसी बरामद कर जेल भेजा जाएगा। यह भी साफ होगा कि अब तक उन्होंने अन्य कहां कहां से नकली करेंसी बाजार में खपा दी है। पकड़े गए जिकरुल पर दिल्ली, उत्तराखंड में भी दो मुकदमे हैं।












