संत श्री आशारामजी आश्रम में श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ तुलसी पूजन महोत्सव

संत श्री आशारामजी आश्रम में श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ तुलसी पूजन महोत्सव
*हापुड़।* आज दिनांक 25 दिसंबर को संत श्री आशारामजी आश्रम, हापुड़ में तुलसी पूजन महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के साथ बड़े ही धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर आश्रम परिसर भक्तिरस में सराबोर दिखाई दिया, जहाँ हापुड़ नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से पधारे सैकड़ों साधक–साधिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम संचालक श्री घनश्याम पाठक जी ने तुलसी पूजन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “यद्यपि तुलसी की पूजा प्रतिदिन की जाती है, किंतु आज का दिन तुलसी पूजन के लिए विशेष पुण्यदायी माना गया है। तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से परिपूर्ण एक दिव्य वनस्पति है, जो शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य प्रदान करती है।”
उन्होंने यह भी आवाहन किया कि प्रत्येक घर में तुलसी का पौधा अवश्य होना चाहिए, क्योंकि जहाँ तुलसी का वास होता है, वहाँ सुख, शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का निवास स्वतः हो जाता है।
पूजन विधि के अंतर्गत तुलसी माता को तिलक, अक्षत, पुष्प एवं पवित्र जल अर्पित किया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा तुलसी माता की परिक्रमा, तुलसी चालीसा का सामूहिक पाठ तथा भावपूर्ण आरती की गई। संपूर्ण वातावरण मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत से गुंजायमान रहा, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हुई।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसाद ग्रहण कर भक्तों ने पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में कुंवर पाल जी, मूलचंद जी, सुबोध जी, प्रमोद जी, सोनपाल यादव जी, गौरव जी, अनुज जी, कौशलकांत जी, विकास जी, कपिल जी, सुषमा जी, बिंदु जी, उर्मिला जी, सुधा जी, रीना जी सहित अनेक सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा, जिनके समर्पण से कार्यक्रम भव्य रूप ले सका।
यह तुलसी पूजन महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, आयुर्वेदिक जीवनशैली और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश भी देता है।












