गृह(घर)के समान करें ग्रह (पृथ्वी)की चिंता – भारत भूषण गर्ग पर्यावरणविद

गृह(घर)के समान करें ग्रह (पृथ्वी)की चिंता – भारत भूषण गर्ग पर्यावरणविद
गढ़मुक्तेश्वर विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि पर्यावरणविद भारत भूषण गर्ग ने उपस्थित सामाजिक संस्था लोक भारती के कार्यकर्ताओं एवं पर्यावरण एवं वन विभाग के वरिष्ठ लोगों के बीच अपनी बात रखते हुए कहा कि आज विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर हम जनपद हापुड़ की गढ़मुक्तेश्वर रेंज के भगवंतपुर वन ब्लॉक में एकत्रित हुए हैं आज हम सब फिर से उस संकल्प को बलवान करने के लिए एकत्रित हुए हैं कि बिना वृक्षों को लगाएं हमारी पृथ्वी का सुंदर बनना असंभव है। 1970 में अमेरिका से प्रारंभ हुई इस आंदोलन को विश्व पृथ्वी दिवस का नाम दिया गया है। हम आज 56 वे वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं 190 से भी अधिक देशों में मनाया जाने वाला यह दिवस भारतवर्ष की प्राचीन परंपरा है हमारे यहां कोई भी शुभ कार्य बिना जल पूजन के ,बिना प्रकृति पूजन के संभव नहीं होता है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि आज पृथ्वी पर उत्पन्न समस्त संपदा हमारी जरूरत तो पूरा कर सकती है लेकिन हमारे लालच को पूरा नहीं कर सकती जिस प्रकार आज तथाकथित प्रगति की दौड़ में पर्यावरण का भयंकर नुकसान हो रहा है वह अपने आप में बहुत ही खतरनाक है जहां प्रकृति के साथ रहना जीवन का महत्वपूर्ण आधार था आज वही हमें अपने नन्हे मुन्ने बच्चों को पर्यावरण बचाने के लिए इस पृथ्वी को बचाने के लिए नारे लगवाने पड़ रहे हैं। इस वर्ष की थीम हमारा ग्रह हमारी शक्ति इसी लक्ष्य को प्रदर्शित करते हैं की माता रूपी इस धरती ने हमें जीवन का वह सब कुछ दिया है जो हमारे लिए आवश्यक है परंतु हमारे लालच ने हमारी तथा कथित आवश्यकताओं को इतना बढ़ा दिया है कि हम वह सब कुछ कर रहे हैं जो हमें नहीं करना चाहिए हमारे पास वह शक्ति है जिससे हम बदलाव ला सकते हैं और यदि हम आज भी नहीं जागे तो हमारी आने वाली पीढियां के लिए कुछ भी नहीं बचेगा हम पृथ्वी को बचाने में अपना न्यूनतम योगदान अवश्य प्रस्तुत करें चाहे वह प्लास्टिक का काम से कम उपयोग अपने घर में किसी भी खुशी के अवसर पर एक पौधे का रोपण आवश्यक करें और सबसे महत्वपूर्ण जल की एक-एक बूंद अवश्य बताएं क्योंकि बिना जल के जीवन संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि जो संकट हमें दिखाई दे रहा है वह अत्यंत ही गंभीर है लगातार नदियों सूख रही है प्लास्टिक हमारी सांसों में घुल रहा है हवा जहरीली हो चुकी है आज हम अपने चारों ओर का वातावरण छोड़कर स्वच्छ वातावरण के लिए पहाड़ों पर जा रहे हैं और वहां का भी वातावरण लगातार गंदा कर रहे हैं। हमारे पास पृथ्वी पर रहने के अलावा कोई भी विकल्प शेष नहीं है हमें माता के रूप में पूजी जाने वाली इस धरती को रक्षक बनाकर बचाना होगा
कार्यक्रम संबोधित करते हुए गढ़मुक्तेश्वर रेंज के वन क्षेत्र अधिकारी करण सिंह ने कहा कि आज का यह दिन हमारे लिए मात्र कार्यक्रम करने का नहीं है वरन संकल्प लेने का है कि हमें प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसका पालन पोषण करते हुए उसे वृक्ष बनाना होगा वन विभाग समस्त समाज के साथ है यह पुनीत कार्य आप सभी लोग अवश्य करें।
इस अवसर पर गंगा सेवक मूलचंद आर्य, सूबेदार जगदीश सिंह चौहान,वन दरोगा जयपाल सिंह,सचिन कुमार ने भी अपने अपने विचार प्रकट किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामपुर न्यामतपुर के ग्राम प्रधान टीकम सिंह ने की।
इस अवसर पर शिवा,देवा,तेजपाल सिंह,कपिल कुमार,हरिराम, रवि कुमार,अरविंद कुमार सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।











