ATMS College of Education Menmoms
HapurNewsUttar Pradesh

निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के तहत आरटीई द्वारा निकाली गयी लॉटरी में 1033 छात्रों को मिलेगा कांवेंट स्कूलों में दाखिला

हापुड़। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम में हापुड़ जिले के 1033 गरीब बच्चों का कांवेंट स्कूलों में पढ़ाई का सपना पूरा हो गया है, लॉटरी में इन छात्रों के नाम आ चुके हैं, जिन्हें एक अप्रैल तक चिंहित कांवेंट स्कूलों में प्रवेश दिलाया जायेगा। साथ ही दूसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

आरटीई के तहत गरीब बच्चों को कांवेंट स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा दिलायी जाती है। इसके लिए छह फरवरी से 28 फरवरी तक आवेदन निकाले गए थे। छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किए, जिनका सत्यापन कर फार्म बीएसए कार्यालय से आगे प्रेषित किए गए। पहले चरण में 2378 छात्रों ने आवेदन किया था, जांच में 1957 के फार्म सही पाए गए। 421 छात्रों के फार्म गलती मिलने पर निरस्त कर दिए गए।

12 मार्च को लॉटरी निकाली गई, जिसमें हापुड़ जिले से आवेदन करने वाले 1033 गरीब बच्चों का चयन हो गया। अब इन बच्चों को एडमिशन दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। एक अप्रैल तक चिंहित बच्चों को संबंधित कांवेंट स्कूलों में प्रवेश मिलेगा, साथ ही निःशुल्क पढ़ाई का सपना पूरा होगा।

वहीं, दूसरे चरण के आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। छात्र 6 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं, सात अप्रैल से 17 अप्रैल तक आवेदनों का सत्यापन होगा। 19 अप्रैल को लॉटरी निकाली जायेगी, 28 अप्रैल तक इस चरण में शामिल छात्रों को प्रवेश दिलाया जायेगा। इसके बाद तीसरा चरण 20 अप्रैल से 12 मई तक आवेदन होंगे, इन छात्रों को लॉटरी निकलने पर पांच जुलाई तक प्रवेश दिलाए जायेंगे।

चार अप्रैल तक मिलेगा प्रवेश का मौका

आरटीई में आवेदन करने वाले 1033 छात्रों को चार अप्रैल तक संबंधित कांवेंट स्कूलों में प्रवेश दिला दिया जायेगा। छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, जिन छात्रों के नाम लॉटरी में नहीं आ सके हैं वह दूसरे चरण में आवेदन कर सकते हैं। – अर्चना गुप्ता, बीएसए


SCM Global School


Om Prime Estates M&M


Dr Lal Path Labs

Kidzee G D Public School Vikas Global School

JMS World School


Brainwaves International School


Delhi City School


Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page