ठंड में बिना कान ढंके दो पहिया वाहन चलाया , तो हो सकता है बहरापन, यहां समझें कारण

हापुड़ ।
ठंड के मौसम में बिना कान या नाक ढके दो पहिया वाहन चलाना खतरनाक साबित हो सकता है। ठंडी हवा के कारण कानों में सुनाई देने की समस्या तक पैदा हो सकती है।
समय पर उपचार न मिलने पर बहरेपन का कारण बन सकती है।
जिला आपदा विशेषज्ञ गजेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या तेज हवा के प्रभाव से होती है, जिससे कानों में खून का प्रवाह प्रभावित हो जाता है। ठंडी हवा नाक और कान के रास्ते शरीर में प्रवेश करती है, जिससे सर्दी, जुखाम और अन्य बीमारियां हो सकती हैं। साथ ही सुनाई पड़ना बंद हो सकता है। कान के अंदर काक्लियर धमनी ठंड में तेज हवा लगने से सिकुड़न आने लगती है। इससे कान का न्यूरो एपीथिलियम खराब होता है। ऐसी समस्या लेकर लोग प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। उपचार कराने में देरी पर बहरापन पूरी – तरह से ठीक नहीं हो पाता। इनमें सबसे अधिक 26 से 40 साल के मरीज हैं। बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें, बाहर निकलने पर कान पर मफलर जरूर बांधे। देर रात की पार्टियों में जाएं तो कान, गला गर्म कपड़े से लपेटे रहें।












