नटवर लाल सरकारी शिक्षक व योगाचार्य राजकुमार त्यागी आदित्य फर्जी बैनामा करने के मामलें में गिरफ्तार,भेजा जेल, हापुड़ में सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी का आरोप

नटवर लाल सरकारी शिक्षक व योगाचार्य राजकुमार त्यागी आदित्य फर्जी बैनामा करने के मामलें में गिरफ्तार,भेजा जेल, हापुड़ में सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी का आरोप
हापुड़ (अमित मुन्ना)।
थाना हापुड़ क्षेत्र के मौहल्ला चमरी निवासी योगाचार्य व बेसिक में सरकारी शिक्षक राजकुमार त्यागी आदित्य को पुलिस ने फर्जी बैनामा करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इससे पूर्व वह हापुड़ व हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान व अन्य कई क्षेत्रों में लोगों को बहला-फुसलाकर करोड़ों रुपए की ठगी का आरोप लग चुका है तथा इस पर कई केस दर्ज हैं तथा कई बार जेल जा चुका है। आरोप है कि इस मामले में आरोपी की पत्नी व बेटा भी शामिल रहता हैं।
जानकारी के अनुसार हापुड़ के हर्ष विहार मोहल्ला निवासी अनिल सागर ने नवंबर 2025 को दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि 21 जनवरी 2008 को एक प्लॉट के मूल भू-स्वामी ने अपना तथाकथित प्लॉट प्रमिला देवी को विक्रय किया था। 28 दिसंबर 2023 को आपसी सहमति से पीड़ित की सगी बहन ओमवती द्वारा यह प्लाट पीड़ित को गिफ्ट डीड कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि चमरी गांव निवासी राजकुमार त्यागी एक संगठित गिरोह के तहत दिल्ली निवासी सतेंद्र कुमार, पूजा, आदर्श नगर कॉलोनी निवासी योगेश कुमार, तेजवीर सिंह, लज्जापुरी निवासी बिजेंद्र कुमार, काजीवाड़ा निवासी महफूज खान, मोहित त्यागी व अन्य दो-तीन के साथ साजिश रची। इसके बाद राजकुमार त्यागी ने अपने गिरोह के साथ मिलकर उक्त मूल्यवान प्रतिभूति और कूटरचित वसीयत का प्रयोग कर 17 अगस्त 2023 को धोखाधड़ी कर बैनामा करा दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय ने बताया कि नटवरलाल राजकुमार त्यागी आदित्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि हापुड़ के चमरी निवासी राजकुमार त्यागी आदित्य बाबूगढ़ के ग्राम भमैड़ा के प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत था। सूत्रों के अनुसार वह स्कूल ना जाकर हेडमास्टर की मिली-भगत से विघालयों में आयुर्वेदिक दवा, मिर्च मसाले बेचता था, इस दौरान उसने कई शिक्षकों को बहला-फुसलाकर कर उनके साथ ठगी की और कई बार संस्पेड होकर जेल भी गया था। कई सालों तक विघायल में महीनों महीने से गायब रहता था, बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात एक बाबू की कृपा से उसने स्कूल ना जाने के बावजूद भी की साल का लाखों रुपए का वेतन भी निकलवा दिया था। बताया जाता है वो लोगों को फर्जी चेक व जमीन के कागजात लेकर ठगी करता है, इस काम में उसकी पत्नी निशा त्यागी व बेटा भी साथ देता था। कई लोग रूपयों के लिए उसके घर के चक्कर लगाते रहते हैं।
बताया जा रहा है कि दो साल पूर्व उसने तगादेदारों से बचने के लिए मोटी धनराशि लेकर रामपुर जिले में अपना तबादला करवा लिया था।












