एआईएमआईएम के प्रदेश प्रवक्ता शादाब चौहान ने सपा पर साधा निशाना, पार्टी की रणनीति का किया खुलासा

एआईएमआईएम के प्रदेश प्रवक्ता शादाब चौहान ने सपा पर साधा निशाना, पार्टी की रणनीति का किया खुलासा
हापुड़। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हापुड़ कोर्ट में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। बयान दर्ज कराने के बाद ओवैसी कैमरों से बचते हुए कोर्ट परिसर से बाहर निकल गए। मामला 3 फरवरी 2022 को हापुड़ के छिजारसी टोल प्लाजा के पास उनके काफिले पर हुए हमले से जुड़ा है।
इसी दौरान एआईएमआईएम के प्रदेश प्रवक्ता शादाब चौहान ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आने पर समाजवादी पार्टी मुसलमानों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं दी जाती।
शादाब चौहान ने कहा, “चुनाव आएगा तो मुसलमान गाड़ी की आधी सीट पर मिलेगा और जब चुनाव समाजवादी की ओर चला जाएगा तो पिछली सीट से भी लात मारकर निकाल देते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने 34 साल तक मुसलमानों का राजनीतिक इस्तेमाल किया और सियासी डकैती डालने का काम किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का मुसलमान अब भागीदारी और हिस्सेदारी की राजनीति चाहता है। शादाब चौहान के मुताबिक, “जो भागीदारी नहीं देगा, जो हिस्सेदारी नहीं देगा, अब उस गठबंधन को हम, यानी मुसलमान, गठबंधन नहीं बल्कि ठगबंधन मानते हैं।”
एआईएमआईएम नेता ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट किया है कि भाजपा को हराने के लिए सभी को साथ लेकर चलने और वोटों के बंटवारे को रोकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य ऐसा मजबूत गठबंधन तैयार करना है, जिससे भाजपा को चुनौती दी जा सके और योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री बनने से रोका जा सके।
शादाब चौहान ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जो भी दल भाजपा को हराने के लिए एआईएमआईएम के साथ आएगा, उसके साथ गठबंधन की संभावना पर विचार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी मजबूत गठबंधन बनाकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
वहीं, उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के साथ राजनीतिक रूप से इस्तेमाल की नीति लंबे समय से चली आ रही है और अब मुस्लिम मतदाता अपने राजनीतिक अधिकार एवं हिस्सेदारी को लेकर पहले से अधिक जागरूक है।
शादाब चौहान ने कहा कि आगामी चुनाव में केवल वोट मांगने के बजाय राजनीतिक भागीदारी और हिस्सेदारी की स्पष्ट नीति सामने रखनी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि एआईएमआईएम 2027 में गठबंधन की राजनीति के जरिए उत्तर प्रदेश में अपनी भूमिका मजबूत करने की तैयारी में है।













