शराब का ठेका खुलने को लेकर लोगों ने किया जमकर हंगामा व प्रर्दशन

शराब का ठेका खुलने को लेकर लोगों ने किया जमकर हंगामा व प्रर्दशन
हापुड़।
थाना पिलखुवा क्षेत्र में शराब का ठेका खुलने के विरोध में लोगों और किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। गुरुवार को सैकड़ों लोग एकजुट होकर धरने पर बैठ गए और ठेके के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस क्षेत्र में ठेका खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा और बच्चों, महिलाओं व अन्य लोगों पर बुरा असर पड़ेगा। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। लंबी बातचीत के बाद लोगों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सभासद प्रदीप तेवतिया ने कहा कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला जा रहा है, वहां आसपास स्कूल, मंदिर और अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहें मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ठेका खुलने से छोटे बच्चों, महिलाओं और मरीजों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रदीप तेवतिया ने कहा, “हम किसी भी कीमत पर इस ठेके को खुलने नहीं देंगे। अगर प्रशासन ने इसे खोलने की अनुमति दी, तो हम ठेके के बाहर बैठकर धरना देंगे और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।” उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और ठेके को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
धरने में शामिल स्थानीय लोगों ने भी अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उनका कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ठेका खुलने से नशे में धुत लोगों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा। साथ ही, स्कूल जाने वाले बच्चों और मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए असुरक्षित माहौल बन सकता है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की। धरने के दौरान किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों का समर्थन करते हुए ठेके के खिलाफ नारेबाजी की।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पटनीश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने के लिए प्रेरित किया। पुलिस की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारी मान गए और उन्होंने एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ठेके को न खोलने की मांग की गई। पटनीश कुमार ने बताया, “प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपा है, जिसे उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। उन्हें समझाकर वापस भेज दिया गया है। उच्च अधिकारियों से आदेश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
यह रहे मौजूद
धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें मनोज तेवतिया, मनोज चौधरी, अरुण सैन, छोटू शर्मा, विक्की तोमर, मोहित सैनी, निशांत शर्मा, पार्वती देवी, अतर कली, मामकौर, राजबाला समन जैसे स्थानीय निवासी मौजद रहे।