मेला क्षेत्र गंगा में दिखाई दिया मगरमच्छ , लोगों में दहशत

हापुड़।
तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर के खादर क्षेत्र से निकल रही गंगा में एक मगरमच्छ तैरता हुआ दिखाई दिया, जिससे लोगों में दहशत फ़ैल गई, जबकि पर्यावरणविद् ने क्षेत्र में घड़ियाल का होना शुभ संकेत बताया।
जानकारी के अनुसार ग़मुक्तेश्वर के खादर क्षेत्र में गंगा में एक मगरमच्छ तैर रहा था,उसी समय कुछ किसान अपने खेतों पर काम कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें गंगा की बीच धारा में मगरमच्छ तैरता हुआ दिखाई दिया। जिसे देखकर वह डर गए। सूचना वन विभाग को दी।
ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ समेत इस तरह के जलीय जीव तट पर आकर किसानों अथवा पशुओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वहीं पर्यावरणविद् भारत भूषण गर्ग का कहना है कि ग्रामीणों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। यह केवल मछलियां खाता है। इसका चोंचनुमा मुंह इतना नहीं खुल पाता, जो मनुष्य को नुकसान पहुंचा सके।
उन्होंने बताया कि नदियों में जलीय जीवों से ही जीवन होता है। नदियों में जीवन चक्र संतुलित बनाए रखने में घड़ियाल, मगरमच्छ, डाल्फिन यहां तक कि कछुए भी अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं। नदियों में जलीय जीवों को बचाने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं।
वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि गंगा व नदियां घडिय़ाल समेत जलीय जीवों का आवास हैं, इस क्षेत्र में घड़ियाल का होना अच्छा संकेत है।












