भगवान केवल शुद्ध भाव से समर्पित सेवा स्वीकार करते हैं -पुंडरीक गोस्वामी

कर्मा बाई और छप्पन भोग का सुनाया प्रसंग
हापुड़। गढ़ रोड स्थित राम मंदिर के निकट आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में शनिवार को कर्मा बाई और छप्पन भोग के बारे में प्रसंग सुनाया।
कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने बताया कि सच्चा साधक वही है, जो विपरीत परिस्थिति में भी धर्म, भक्ति और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ता। परीक्षा के समय विवेक ही जीवन को दिशा देता है। परीक्षित ने श्राप के बाद भोग-विलास नहीं खोजा, बल्कि संत समाज को बुलाकर कथा का आयोजन किया।
उन्होंने बताया कि भगवान केवल शुद्ध भाव से समर्पित सेवा स्वीकार करते हैं, भोग भव्य या साधारण नहीं बल्कि भावना से महत्त्वपूर्ण होता है। छप्पन भोग की महिमा बताते हुए कहा कि जिस जीवन में अपने से बढ़कर दूसरों की सुख-सुविधा की चिंता हो, वही व्यक्ति सच्चा धर्मप्रेमी और संत का योग्य अनुयायी कहलाता है।













Yo! 755bet5, eh? Another one to add to the list! Hope it’s not just another flash in the pan. Time to put it to the test. Give it a shot here: 755bet5