जीएस मेडिकल कॉलेज के डॉ. फारूख की गिरफ्तारी से अस्पताल प्रशासन पशोपेश में, कश्मीर के कुछ और डाक्टरों पर जांच एजेंसियों के रेडार पर

हापुड़।
पिलखुवा क्षेत्र स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल समेत केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर फारूख अहमद डार की गिरफ्तारी के बाद कालेज प्रशासन पशोपेश हैं कि अब फारुख के खिलाफ क्या कार्रवाई करे?उधर जांच एजेंसी ने डाक्टर के साथ रह रहे एक अन्य साथी डाक्टर समेत कुछ कश्मीरी चिकित्सकों को रेडार पर ले लिया है। उनसे पूछताछ की गई है वहीं अन्य स्टाफ सदस्यों की भी पड़ताल हो रही है। कईयों की कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार आंतकी के सम्पर्क में रहने वाले कश्मीर निवासी व फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर फारूख को दिल्ली पुलिस ने उठाया था। इस दौरान पुलिस ने एक अन्य साथी से भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। सूत्र बताते है कि छोड़े गए कुछ डॉक्टर और अन्य लोगों को अभी पूरी तरह से क्लीन चिट नहीं मिली है। उनकी गतिविधियों समेत कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही हैं। वहीं उनसे मिलने कौन-कौन आता रहा हैं यह भी पता लगाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि दिल्ली के बम धमाके से जुड़े मामले में कुछ लोगों के भी तार जुड़े हो सकते हैं।
उधर इन घटनाओं को लेकर कालेज प्रशासन व स्टूडेंट्स पशोपेश में हैं। 24 घंटे बाद भी चिकित्सक के ना लौटने पर हॉस्पिटल ना लौटने के बाद अब डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही हैं। शुक्रवार को एक फॉरेंसिक टीम की गाड़ी आने से कालेज में हड़कंप मच रहा, परन्तु उसमें सवार कर्मचारियों ने पिलखुवा में हुए मकान विस्फोट में वे घायल से पूछताछ की।
कालेज के मीडिया प्रवक्ता मनोज सिसौदिया का कहना है कि उनके कालेज में किसी भी प्रकार की कोई ग़लत गतिविधियां नहीं होती है। जांच एजेंसी अपना काम कर रही है। कालेज में रोजाना की तरफ सब सामान्य है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में कॉलेज प्रशासन पूरा सहयोग कर रहा है।एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि डाक्टर फारूख किस-किस के संपर्क में था, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में हापुड़ पुलिस भी अपने स्तर से जांच कर रही हैं।












