एसआईएमएस में एंटी-रैगिंग सप्ताह की शुरुआत – नुक्कड़ नाटक और जागरूकता गतिविधियों से गूंजा परिसर

एसआईएमएस में एंटी-रैगिंग सप्ताह की शुरुआत – नुक्कड़ नाटक और जागरूकता गतिविधियों से गूंजा परिसर
हापुड़ (रिशु सिंह)।
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, हापुड़ में आज एंटी-रैगिंग सप्ताह का शुभारंभ “एंटी रैगिंग डे” के आयोजन के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान परिसर उत्साह, जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. बर्खा गुप्ता के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने छात्रों को रैगिंग की गंभीरता और इसके दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए कहा, “रैगिंग एक अपराध है, जो न केवल छात्र जीवन को प्रभावित करता है बल्कि सामाजिक वातावरण को भी बिगाड़ता है। हमारे संस्थान में इसके खिलाफ सख्त नीति लागू है और दोषी पाए जाने पर तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
वरिष्ठ सलाहकार डॉ. साहगल ने बताया कि एसआईएमएस में एंटी-रैगिंग उपायों के तहत निरंतर निगरानी, हेल्पलाइन नंबर, मेंटरिंग प्रोग्राम और छात्र-शिक्षक संवाद जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे परिसर का माहौल सुरक्षित और सहयोगी बना रहे।
इस मौके पर छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर रैगिंग के हानिकारक प्रभावों को दर्शाया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और यह संदेश दिया कि “नए छात्रों का स्वागत सम्मान और मित्रता के साथ होना चाहिए, डर और अपमान से नहीं।”
कार्यक्रम में एक सेल्फी कॉर्नर भी लगाया गया था, जहां शिक्षकों और छात्रों ने एंटी-रैगिंग संदेशों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा कर जागरूकता को और व्यापक बनाया गया।
संस्थान ने आने वाले सप्ताह में पोस्टर प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, परिचर्चा और जागरूकता रैली जैसी कई गतिविधियों की योजना बनाई है, जो छात्रों को रैगिंग के खिलाफ और अधिक सजग बनाएंगी।












