JIMSEMTC कॉलेज में आयोजित हुई “कानून, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल समाज” विषय पर छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला


कानून, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल समाज” विषय पर छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला हुई आयोजित
गौतमबुद्धनगर(यर्थाथ अग्रवाल)।
। ग्रेटर नोएडा स्थित जेआईएमएस इंजीनियरिंग मैनेजमेंट टेक्निकल कैंपस के विधि विभाग में छह दिवसीय “कानून, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल समाज” विषय पर एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए 70 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें प्रोफेसरगण, शोधार्थी एवं विधि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद थे।
धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति (डॉ.) मनोज सिन्हा,
हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीति सक्सेना, रायपुर स्थित आईटीएम यूनिवर्सिटी की
विधि संकाय अध्यक्ष , प्रो. (डॉ.) जेलिस सुब्हान , सुशांत विश्वविद्यालय की डीन . (डॉ.) प्रिया सोंधी,दिल्ली विश्वविद्यालय की विधि निकाय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निधि सक्सेना, हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के . मयंक श्रीवास्तव, , अधिवक्ता सुभाष भूटोरिया, अधिवक्ता माहिर गुप्ता, विधि सलाहकार एवं विशेषज्ञ अमित नगर, फैकल्टी सदस्य आदि ने उभरती तकनीकों और कानून के अंतःसंबंधों पर अपने विचार साझा किए।
इस कार्यशाला में विधि विशेषज्ञों ने एआई के विधिक प्रभाव, डेटा संरक्षण, एल्गोरिदमिक प्रशासन, डिजिटल अधिकारों एवं डिजिटल समाज में नैतिक विचारों जैसे समसामयिक विषयों पर सत्र को सम्बोधित किया ।
कालेज की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पल्लवी गुप्ता ने बताया कि
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों की समझ को विस्तार देना था कि किस प्रकार विधिक प्रणाली को तकनीकी प्रगति के अनुरूप परिवर्तित होना चाहिए। यह एसडीपी एक समृद्ध शैक्षणिक मंच सिद्ध हुआ, जो डिजिटल परिवर्तन के युग में विधिक शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए एक बहु-विषयी दृष्टिकोण की आवश्यकता को उजागर करता है।












