अवैध निर्माण की शिकायत करने पर अधिवक्ता पर 50 लाख की रंगदारी मांगने का लगाया आरोप,अधिवक्ताओं में रोष,एसपी को सौंपा ज्ञापन,जांच की मांग उठाई

अवैध निर्माण की शिकायत करने पर अधिवक्ता पर 50 लाख की रंगदारी मांगने का लगाया आरोप,अधिवक्ताओं में रोष,एसपी को सौंपा ज्ञापन,जांच की मांग उठाई
,हापुड़।
शहर शहर की पॉश कालोनी में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत करना एक अधिवक्ता को भारी पड़ गया। शिकायत के बाद अधिवक्ता पर ही 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाए जाने से अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त हो गयी। शुक्रवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने व झूठा आरोप लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।
पीडि़त अधिवक्ता ठाकुर दीपक सिंह चौहान ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि मेरठ रोड स्थित संजय विहार निवासी एक व्यक्ति द्वारा कामर्शियल भूखंड संख्या एमएल-01 पर मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण किया गया है। इस अवैध निर्माण की शिकायत उन्होंने आवास विकास परिषद गाजियाबाद से की थी।अधिवक्ता के अनुसार, उक्त भूखंड पर बिना फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र के ही कामर्शियल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं,जो नियमों के खिलाफ है। शिकायत के बाद आवास विकास परिषद ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इतना ही नहीं, परिषद की ओर से अंतिम नोटिस निर्माण स्थल पर चस्पा भी किया गया था।
अधिवक्ता का आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद परिषद की ओर से अपने ही आदेश का अनुपालन नहीं कराया गया और अवैध निर्माण यथावत जारी रहा। परिषद की निष्क्रियता से निराश होकर उन्होंने न्याय पाने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल कर दी। यह याचिका 19 जनवरी 2026 को दाखिल की गई थी और वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
अधिवक्ता का कहना है कि जैसे ही मामला उच्च न्यायालय पहुंचा,संबंधित व्यक्ति ने बदले की भावना से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से उनके खिलाफ 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की झूठी शिकायत कर उनकी छवि खराब करने की साजिश है।
उक्त मामले की जानकारी मिलने पर अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त हो गया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता पीडि़त अधिवक्ता के समर्थन में एसपी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर किसी अधिवक्ता को अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाने पर झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया जाएगा तो यह न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर मामला है।
पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर मामले की मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान बार सचिव रवि कुमार,गजेंद्र सिंह चौहान, भोपाल सिंह सिसोदिया, रमेश लोधी,उज्ज्वल चौधरी,कामरान चौधरी, अशरफ कुरेशी,जावेद चौधरी, रूपक शर्मा,अनमोल शर्मा, मोहन पाल,मोनिका चौधरी, अभिनव सिसोदिया,सतेंद्र तोमर,अनिल आजाद, सुखपाल सिंह,मोहम्मद फुरकान,जावेद खान,प्रमोद तोमर,मीनाक्षी सिसोदिया समेत कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।












