वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान करने की उठाई मांग

,हापुड़।
गुरुवार को टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आहवान पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर शिक्षकों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। जिसके उपरांत प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार व बीएसए रीतु तोमर को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान करने की प्रमुखता से मांग उठाई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे ज्ञापन में कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 दिनांक 27 जुलाई 2011 को लागू किया गया है। अधिनियम प्रभावी होने की तिथि से अथवा उसके उपरांत नियुक्त होने वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 के निर्णय द्वारा देश के सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में भी नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए भी टीईटी करना अनिवार्य कर दिया गया है। जो कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के साथ अन्याय है। जिसके फलस्वरूप देशभर के शिक्षक आंदोलन कर केन्द्र सरकार से उपरोक्त के सम्बंध में अध्यादेश लाकर संसद द्वारा कानून पारित कराकर आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग कर रहे है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह शिशौदिया,जिला मंत्री नीरज चौधरी,संजीव शर्मा,सतेन्द्र कुमार शिशौदिया,दीपक कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।












