“शहीदों को समर्पित कवि सम्मेलन में गूँजी देशभक्ति की स्वर लहरियाँ”

“शहीदों को समर्पित कवि सम्मेलन में गूँजी देशभक्ति की स्वर लहरियाँ”
दोयमी रोड स्थित आवासीय वृद्धाश्रम में एलायंस क्लब हापुड़ यूथ एवं आवासीय वृद्धाश्रम के संयुक्त तत्वावधान में वीर शहीदों को नमन करते हुए एक विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर वृद्धाश्रम का प्रांगण तिरंगे की आभा, पुष्पों की सुगंध और कवियों के ओजस्वी स्वर से गूँज उठा। वातावरण मानो राष्ट्रभक्ति की सरिता में डूब गया !
मंच संचालन का दायित्व प्रख्यात कवि डॉ. अनिल बाजपेई ने कुशलता से निभाया। उनके संचालन ने कार्यक्रम को धार और गति दी।
उन्होने काव्य पाठ करते हुए पढ़ा,
“रग रग में है गूंजता ,भारत का जय गान,
“मेरी धड़कन में बसा, प्यारा हिन्दुस्तान ”
मेरी साँसों में घुला, जन गण मन का गान,
धरती अंबर गूँजता, भारत का यशगान”
वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय बंसल ने करते हुए कहा—
“शहीद केवल स्मृति नहीं, वे हमारी आत्मा हैं। उनकी कुर्बानी से ही यह धरती सुरक्षित है। कवियों ने अपने शब्दों से शौर्य और बलिदान का जो चित्र उकेरा है, वह अमरता को प्राप्त करेगा।”
विनीत ने जब अपनी कविताएँ सुनाईं तो श्रोताओं की आँखें गर्व और श्रद्धा से भर आईं। उन्होंने “ये तिरंगा है हमारी साँसों की पहचान,
उनके बलिदान की रौशनी से ही
हमारी आज़ादी का सूरज चमकता है।”क्षमा शर्मा ने अपने काव्य पाठ में शौर्य का गर्जन भर दिया। उनकी पंक्तियाँ थीं—
“जब-जब सीमा पर उठते हैं तूफ़ान,
सैनिक बन जाते हैं आँधी और जान।
माँ भारती की रक्षा में जिन्होंने रक्त बहाया,
उनका ऋण हम कभी न चुका पाएँ।”
कीर्ति सिंहल ने भावभीनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा—
“धरती की गोदी में सोये अमर सपूत हमारे,
जिनके जीवन से रोशन हैं दीप हजारों।
वे चले गए पर उनकी कुर्बानी की महक
सदा इस वतन के फूलों में महकेगी।”
शिवानी शर्मा की कविताओं में करुणा और गर्व दोनों की गूँज थी। उनकी पंक्तियों ने सबको भावविभोर कर दिया—
“गंगा-यमुना का जल भी कह रहा,
शहीदों की गाथा अमर है सदा।
जिन वीरों ने न्योछावर कर दी अपनी जान,
उन्हीं से रोशन है हिन्दुस्तान,
सचिन अग्रवाल ने अपने जोशीले शब्दों में कहा—
“जब तिरंगा ऊँचा लहराता है तो ऐसा लगता है मानो हर शहीद हमारे भीतर जीवित हो उठा है। आज इस कवि सम्मेलन ने हमें यह याद दिलाया कि शौर्य और बलिदान केवल किताबों में नहीं, हमारी धड़कनों में बसते हैं।”
कार्यक्रम के अंत में पूनम शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा,“यह आयोजन हम सबकी सामूहिक श्रद्धांजलि है। मैं एलायंस क्लब यूथ, वृद्धाश्रम परिवार, कवि गण, अतिथियों एवं श्रोताओं को धन्यवाद देती हूँ कि उन्होंने इस संकल्प को सार्थक बनाया। शहीदों के नाम समर्पित यह कवि सम्मेलन हम सभी के हृदय में सदा जीवित रहेगा।पूरा आयोजन देशभक्ति और शौर्य की भावना से ओतप्रोत रहा। हर रचना, हर शब्द, हर स्वर ने यही संदेश दिया कि भारत माँ के वीर सपूत अमर हैं, उनकी गाथाएँ अनन्तकाल तक गूँजती रहेंगी।”












