फर्जी कम्पनी बनाकर गाज़ियाबाद निवासी ने किया 12.71 लाख की ठगी, एफआईआर दर्ज

हापुड़।
पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र की फर्म ने किरायानामा लगाकर जीएसटी फर्म पंजीकृत करा ली और सिर्फ कागजों में कारोबार दिखाकर विभाग से 12 लाख 71 हजार रुपये की फर्जी आईटीसी हड़प ली। राज्य कर विभाग की जांच में मामला सामने आया। विभाग ने फर्म का पंजीकरण रद्द कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त जयप्रकाश ने बताया कि 11 सितंबर 2024 को विभाग इंपेक्स एलॉयज के नाम से फर्म
पंजीकृत हुई। 14 सितंबर 2024 को गाजियाबाद में अतिरिक्त व्यापार स्थल को जोड़ने के लिए विभाग में प्रार्थना पत्र दिया गया। पंजीयन रेकी अभियान के तहत जीएसटी विभाग की टीम ने नौ जुलाई 2025 को पिलखुवा के चंडी मंदिर रोड स्थित पते पर जाकर जांच की तो दुकान बंद मिली और कोई कामकाज नहीं हो रहा था।
फर्म मालिक आरिफ खान ने दूसरा पता गाजियाबाद के लोहा मंडी रोड पर बताया। 29 जुलाई को गाजियाबाद की टीम ने वहां जाकर देखा तो उस नाम की कोई दुकान नहीं मिली। वहां एलाइड स्टील ट्रेडर्स नाम की दूसरी दुकान
चलती मिली। जांच में साफ हुआ कि फर्म ने सिर्फ कागजों पर दुकानें दिखाकर जीएसटी की अनुमति ली और बिना असली कारोबार किए फर्जी बिल बनाकर टैक्स का फायदा लिया। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद विभाग ने 12 लाख 71 हजार रुपये की आईटीसी को ब्लॉक कर जीएसटी पंजीयन निरस्त कर दिया।
सीओ अनीता चौहान ने बताया कि टैक्स विभाग की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच शुरू कर दी गई है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












