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यदि यहूदियों की तरह हिन्दुओं का भी एक राष्ट्र होता, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश में हो रहे हिन्दू नरसंहार रोके जा सकते थे – महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद, मां बगलामुखी महायज्ञ की पूर्णाहुति , मां चंडी मैय्या के भी किए दर्शन 

यदि यहूदियों की तरह हिन्दुओं का भी एक राष्ट्र होता, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश में हो रहे हिन्दू नरसंहार रोके जा सकते थे – महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद, मां बगलामुखी महायज्ञ की पूर्णाहुति , मां चंडी मैय्या के भी किए दर्शन

, हापुड़।

हापुड़ के हरमिलाप मंदिर में चल रहे मां पीताम्बरा बगलामुखी महायज्ञ की पूर्णाहुति रविवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। महामंडलेश्वर ने चेताया कि भारत में तेजी से शरिया कानून की ओर बढ़ने वाले हालात में हिन्दुओं को संगठित होना चाहिए। उन्होंने सनातन वैदिक ज्ञानपीठ की स्थापना के लिए सहयोग की अपील की। उधर गिरी जी महाराज ने मां चंडी मैय्या के दर्शन कर भाजपा नेता मनोज कर्णवाल के भंडारे में सम्मिलित होकर अपना आर्शीवाद दिया।

शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने माँ बगलामुखी की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माँ बगलामुखी का महायज्ञ कल्पवृक्ष के समान है। इसमें श्रद्धा से भाग लेने वाला भक्त अपनी सात्विक मनोकामनाएं पूरी कर सकता है।

महामंडलेश्वर ने बैठक में सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि यहूदियों की तरह हिन्दुओं का भी एक राष्ट्र होता, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश में हो रहे हिन्दू नरसंहार रोके जा सकते थे। उन्होंने बांग्लादेश में इस्कॉन के चिन्मय दास को जेल में डालने और हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों पर रोष जताया।



उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किसी यहूदी के साथ हुआ होता तो इजरायल युद्ध कर देता। महायज्ञ में यति सत्यदेवानंद, यति अभयानंद, डॉ उदिता त्यागी, पंडित सुनील दत्त शर्मा और पंडित सनोज शास्त्री सहित कई संत-विद्वान उपस्थित रहे। यजमान विपुल मित्तल और अरुण त्यागी थे।















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