बाघ जीवन चक्र की एक महत्वपूर्ण कड़ी है- भारत भूषण गर्ग टाइगर गार्जियन

बाघ जीवन चक्र की एक महत्वपूर्ण कड़ी है- भारत भूषण गर्ग टाइगर गार्जियन
हापुड़।
गढ़मुक्तेश्वर टोल प्लाजा के निकट मियां वाकी प्लांटेशन पर आज अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया गोष्ठी की अध्यक्षता प्रभागीय वनाधिकारी अर्शी मलिक ने की कार्यक्रम में मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता टाइगर गार्जियन भारत भूषण गर्ग ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज विश्व की कुल आबादी के 70% भाग भारतवर्ष में रह रहे हैं जो यहां के पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को प्रदर्शित करते हैं लगातार बढ़ रही बाघों की संख्या हम सबके लिए अत्यंत ही हर्ष का विषय है कि इससे हमारी सांसों की डोर मजबूत हो रही है साथ ही हमें पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाकर इनके लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना होगा।
उन्होंने कहा कि 2010 में देश के अंदर बाघों की संख्या 1600 थी जो वर्तमान में बढ़कर 4000 हो चुकी है जो अत्यंत ही हर्ष का विषय है उन्होंने जंगली जानवरों से सीधे टकराव से बचने की बात कही इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रभागीय वनाधिकारी अर्शी मलिक ने कहा कि हम सबके लिए बहुत सौभाग्य का विषय है कि हम उसे देश में रहते हैं जो पूरे विश्व के 70% बाघों को अपने आप में समाए हुए हैं।
यह हमारा राष्ट्रीय पशु है इसलिए हमारी और अधिक जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि हम इनके संरक्षण पर ध्यान दें। उन्होंने किसी भी जंगली जानवर होने की दशा में वन विभाग को सूचित करने की बात कही। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के अंतर्गत उपस्थित सभी लोगों से एक-एक पेड़ लगवा कर पोर्टल पर दर्ज कराया।
इस अवसर पर सरदार गुरप्रीत सिंह कावल सिंह डायरेक्टर विनोद कुमार ग्राम प्रधान अल्लाहबखसपुर ग्राम प्रधान पलवाड़ा डिप्टी रेंजर सबाबुल हसन वन दरोगा मुकेश त्यागी संजीव कुमार गौरव कुमार एमटीएस हरि प्रकाश आदि की उपस्थिति विशेष रही।












