हापुड़ के छात्र सम्भव अग्रवाल ने साथियों सहित मिलकर बनाया खुफिया रोबोट

एनआईटी जालंधर के छात्रों में शामिल हापुड़ नगर के सम्भव अग्रवाल ने बनाया खुफिया रोबोट
डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर के इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग विभाग के तीसरे वर्ष के छात्रों – सतबीर सिंह, प्रभजोत सिंह, पुष्पिंदर कुमार और हापुड़ नगर के छात्र संभव अग्रवाल पुत्र पंकज अग्रवाल एवम प्रमिला अग्रवाल ने सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्रों के लिए एक स्मार्ट खुफिया रोबोट विकसित किया है।
यह रोबोट संकरी और दुर्गम जगहों में जाकर संदिग्ध गतिविधियों की फोटोग्राफी करता है और संबंधित डेटा को सुरक्षित रूप से गूगल क्लाउड पर अपलोड करता है।
मुख्य विशेषताएं
आईपी आधारित कंट्रोल – यह रोबोट देश और विदेश दोनों से इंटरनेट के माध्यम से संचालित किया जा सकता है।
पीआईआर और आईआर सेंसर – ये सेंसर मूवमेंट और हीट को डिटेक्ट करते हैं और लगभग 15 से 20 सेकंड के भीतर तस्वीरें अपलोड करते हैं।
लोरा मॉड्यूल – यह तकनीक वाईफाई बंद होने की स्थिति में भी संचार सुनिश्चित करती है।
सुरक्षा – रोबोट द्वारा संकलित डेटा पूरी तरह से सुरक्षित है। इसे दुश्मन डिकोड नहीं कर सकते और आवश्यकता पड़ने पर इसे रिमोट से बंद भी किया जा सकता है।
स्वायत्त निर्णय प्रणाली – किसी भी संचार विफलता या सिग्नल जाम की स्थिति में रोबोट स्वतः बेस स्टेशन तक लौटने में सक्षम है।
लागत – इस रोबोट की निर्माण लागत मात्र ₹4000 रही है, हालांकि बड़े पैमाने पर उत्पादन की स्थिति में इसकी कीमत फीचर्स पर निर्भर करेगी।
यह परियोजना नवाचार, देशभक्ति और तकनीकी दक्षता का सशक्त उदाहरण है। वर्तमान में इस रोबोट को पेटेंट कराने की प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तकनीक को और विकसित किया जाए तो यह सीमाई सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।












