कागजों में नाला सफाई हुई,मौके पर गंदगी से अटे पड़े

कागजों में नाला सफाई हुई,मौके पर गंदगी से अटे पड़े
-एक दशक से नहीं खोली गई शिवगढ़ी नाले की डाट
-नगर पालिका ने शहर के 45 नालों की सफाई कराई
-सदर एसडीएम ने भी किया नाला सफाई कार्य का निरीक्षण
,हापुड़ ।
आगामी बरसात के दिनों में जिला मुख्यालय पर जल भराव की समस्या उत्पन्न होगी,इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। नगर पालिका परिषद द्वारा शहर के 45 नालों की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया। जबकि अधिकांश नाले गंदगी से अटे पड़े है। एक दशक से शिवगढ़ी नाले की डाट तक नहीं खोली गयी है। जबकि सदर एसडीएम ने भी नाला सफाई कार्य का निरीक्षण भी किया था। शहर के चार प्रमुख नालों की सफाई का कार्य जारी है।
आपको बता दें कि शहरी क्षेत्र में छोटे बड़े 49 नाले हैं। प्रतिवर्ष बरसात शुरू होने से पूर्व नगर पालिका परिषद द्वारा नालों की सफाई कराई जाती हैं। लेकिन सिकन्दर गेट,शिवगढ़ी,गढ़ दिल्ली रोड सहित पांच प्रमुख नालों की सफाई नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में जल भराव की समस्या उत्पन्न होने के कारण शहर की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। नगर पालिका परिषद के निर्माण विभाग द्वारा पांचों मुख्य नालों की सफाई कराने के लिए निविदा निकालकर नाला सफाई कराई जा रही है।
नगर पालिका परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक आवेश कुमार की देखरेख में सिटी के छोटे बड़े नालों की सफाई जेसीबी मशीन द्वारा कराई जा रही हैं। शहर के करीब 45 नालों की सफाई का कार्य पूर्ण हो गया है। बरसात में शहर में जल भराव की समस्या उत्पन्न नहीं होगी। सभी नालों की सफाई मशीन से कराई गयी हैं।
अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार के निर्देश पर सदर एसडीएम इला प्रकाश ने नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के साथ नाला सफाई का निरीक्षण भी किया। साथ ही निर्देशित किया था,कि नाला सफाई कार्य में कोताही नहीं बरती जाये।
गौरतलब है,कि नगर पालिका परिषद के कागजों में करीब 45 नालों की सफाई का कार्य पूर्ण हो गया है,कि जबकि मौके पर अधिकांश नाले गंदगी से अटे पड़े है। शहर का प्रमुख शिवगढ़ी नाले की डाट पिछले 10 वर्षों से नहीं खोली गयी है। जो शहर में जल भराव होने का प्रमुख कारण है। अगर उक्त नाले की डाट नहीं खोली गयी,तो बरसात में शहर जलमग्न होगा।












