fbpx
News

500 रूपयें के लिए हत्या के पांच दोषियों को सजा व जुर्माना

हत्या के 3 दोषियों को दस साल, दो दोषियों को सात साल की सजा
तीन दोषियों पर प्रत्येक 25 हजार हजार का जुर्माना
बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव हबीसपुर बिगास में पांच सौ रुपये को लेकर हुई थी हत्या
हापुड़,
जनपद हापुड़ की एक अदालत ने एक व्यक्ति की हत्या के मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार दिया जिनमें से तीन को 10 वर्ष
सश्रम कारावास व 25-25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित
किया तो वहीं दो हत्यारों को सात वर्ष सश्रम कारावास और
पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कांत गुप्ता ने
बताया कि 31 जुलाई वर्ष 2015 में बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव प्रवीण कुमार पुत्र रूपचंद निवासी हबीसपुर बिगास से गांव के ही रहने वाले राजेश उर्फ झबरा ने 500 रुपए उधार मांगे और शाम को लौटाने का वादा किया। जब शाम के समय प्रवीण ने अपने उधार दिए हुए रुपए वापस मांगे तो आरोपी आग बबूला हो गया। गुस्साया राजेश अपने सगे भाइयों संजय, अन्नू, रामचंद्र, चाचा रामकिशन तथा कुलदीप के साथ प्रवीण के यहां पहुंचा और लाठी-डंडे व सरिये से पीड़ित के घर में घुसकर प्रवीण तथा उसके परिजनों पर हमला कर दिया। प्रवीण व उसके पिता रूपचंद्र, चाचा नवीन, भाई जयवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर इकट्ठा हुए लोगों ने रूपचंद्र को जख्मी हालत में हापुड़ के अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में कार्रवाई करते हुए बाबूगढ़ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचक ने साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इसी दौरान आरोपी अन्नू की विचारण के दौरान मौत हो गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनपद हापुड़ रविंद्र कुमार प्रथम ने शनिवार को सुनवाई के दौरान अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी राजेश, संजय, कुलदीप, रामचंद्र व रामकिशन को दोषी ठहराते हुए सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने राजेश, संजय, कुलदीप को हत्या का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास तथा 25-25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया तो वहीं रामचंद्र व रामकिशन को दोषी पाते हुए उम्र के दृष्टिगत सात वर्ष सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

Show More

4 Comments

  1. Pingback: jarisakti
  2. Pingback: Undress App

Leave a Reply

Back to top button

You cannot copy content of this page