50 हजार रुपये रिश्वत लेने वाला रिश्वतखोर जेई संस्पेड

हापुड़ ।
50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अब निलंबित कर दिया गया है।
अवर अभियंता के निलंबन से विभाग के अन्य में अधिकारियों अफरा-तफरी का माहौल है।
वहीं इस प्रकरण के बाद से विभाग में कई अन्य अधिकारियों की जांच भी शुरू होगी।
पीड़ित ठेकेदार गांव शिवाया निवासी संदीप कुमार उर्फ संजू राणा ने बताया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के जरिए सड़क निर्माण का टेंडर लिया था। 4.68 लाख रुपये की लागत से उन्होंने पिलखुवा के डूहरी बिजली घर से गांव डहूरी तक सड़क की मरम्मत कराई थी। इस मामले में
लगातार उनसे करीब एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
परेशान होकर ठेकेदार ने मेरठ एंटी करप्शन में शिकायत की। जिसके बाद मंगलवार को एंटी करप्शन की टीम ने लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में कार्रवाई करते हुए ठेकेदार से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए अवर अभियंता अशोक कुमार को रंगे हाथों पकड़ा था।
इस कार्रवाई के बाद से विभाग के अन्य अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल है।
मामले में एंटी करप्शन के अधिकारियों ने उसी दिन बाबूगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों ने अवर अभियंता के निलंबन की संस्तुति पर मुख्यालय को फाइल भेज दी थी। अब इस मामले में अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह का कहना है कि मुख्यालय स्तर से अवर अभियंता अशोक कुमार को निलंबित कर दिया गया है।












