20 अक्टूबर को ही मनाई जायेगी दीपावली – के0 सी0 पाण्डेय

हापुड़। भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा ने बुलंदशहर रोड स्थित माँ मंशा देवी मंदिर में बैठक कर वर्ष 2025 में दीपोत्सव पर्व दीपावली व लक्ष्मीपूजन पर चल रहे संशय को समाप्त करते हुए पूजन मुहूर्त निर्धारित किया बैठक में महासभा विद्वानों के साथ कई मंदिरों के आचार्यगणों ने शास्त्रसम्मत प्रमाण, तर्क विचार के बाद सर्व सहमति से 20 अक्टूबर सोमवार को प्रदोष काल में पूर्ण अमावस्या तथा निशीथकाल में भी पूर्ण प्राप्त होने से दीपावली पूजन को पूर्ण शास्त्र सम्मत सही बताते हुए इस दिन ही प्रमुख रूप से दीपावली पर्व मनाने का निर्णय दिया महासभा अध्यक्ष पंडित के0 सी0 पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि तिथि व नक्षत्रों के संयोग के कारण इस बार भी पंच दिवसीय दीपावली पर्व 6 दिन मनाया जायेगा जो 18 अक्टूबर को धनतेरस से प्रारम्भ होकर 23 अक्टूबर को भाईदूज के दिन समापन होगा दीपावली के लिए महत्वपूर्ण स्वाति नक्षत्र इस बार दोनों ही दिन प्रदोषकाल में प्राप्त नहीं हो रहा है निर्णय सिंधु अनुसार ब्रह्मपुराण का मत है ब्रह्मोक्तेश्च प्रदोषार्धरात्रव्यापिनी मुख्या अर्थात दीपावली के लिए प्रदोष और अर्धरात्रिव्यापिनी मुख्य अमावस्या ही प्रमुख है अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को अपरान्ह 3.45 बजे से आरम्भ होकर 21अक्टूबर को सायं 5.54 तक ही रहेगा सूर्यास्त सायं 5.40 (हापुड़) पर होगा अर्थात 21अक्टूबर को मात्र 14 मिनट ही प्रदोष में अमावस्या प्राप्त हो रहा है जो एक घटी से भी कम है अर्थात अपूर्ण है और स्वाति नक्षत्र भी नहीं है जबकि 20 अक्टूबर को प्रदोष और निशीथ में पूर्ण प्राप्त है अतः निर्णयसिंधु, धर्मसिंधु, पुरुषार्थ चिंतामणि, तिथि व्रतराज, स्कंदपुराण, मत्स्यपुराण, नारद पुराण आदि धर्मग्रंथो के अवलोकन साथ अन्य पंचांगो के आधार पर महासभा का ये निर्णय है महासभा संरक्षक केंद्रीय ज्योतिष विश्व विद्यालय के पूर्व निदेशक डॉ0 वासुदेव शर्मा ने कहा कि इस बार के तिथि -नक्षत्र समय एवं सूर्यास्त व चंद्रास्त के परिपेक्ष्य से देखे तो धर्मग्रंथों के अनुसार 20 अक्टूबर को ही कर्मकाल तिथि में पूर्ण अमावस्या प्राप्त है तथा अधिकतम शास्त्र प्रमाण भी 20 अक्टूबर के पक्ष में मिल रहे है अतः 20 अक्टूबर को ही दीपावली मनाना सही है श्री रघुनाथ मंदिर के पुजारी आचार्य सर्वेश तिवारी ने कहा कि निर्णयसिंधु के अनुसार पितरों के श्राद्ध, तर्पण, पूजन दीपदान, ब्राह्मण भोजन आदि के लिए चतुर्दशी और अमावस्या दोनों तिथि ग्राहय है अतः 20 को किसी भी प्रकार का संशय नहीं है महासभा समन्वयक पंडित अजय पाण्डेय ने कहा कि महासभा पत्रिका द्वारा मार्च में ही दीपावली तिथि निर्धारित कर दिया गया था मंत्री तथा माँ मंशा देवी मंदिर के पुजारी पंडित देवी प्रसाद तिवारी ने कहा कि भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा तिथि पत्रिका निर्माण के समय भी समस्त पक्ष को देखा गया था उसी समय सभी ने 20 अक्टूबर को दीपावली का निर्णय कर दिया था इस पर कोई संशय नहीं था आग्रह पर पुनः निर्णय विचार के लिए बैठक रखा गया लगभग 2.30 घंटे से अधिक समय तक चली बैठक की अध्यक्षता पंडित के0 सी0 पाण्डेय ने किया बैठक में महासभा संरक्षक पंडित हरीश शर्मा, उपाध्यक्ष पंडित गौरव कौशिक, मंत्री डॉ0 करुण शर्मा,प्राचीन शिव मंदिर पुजारी पंडित माधव राम शर्मा, श्री हनुमान मंदिर मिल्क पुजारी पंडित जगदंबा शर्मा, प्राचीन शिव मंदिर असौड़ा पुजारी पंडित राहुल शर्मा, माँ दुर्गा मंदिर पुजारी पंडित सुधाकर अवस्थी,शिव माता मंदिर पुजारी पंडित गौरी शंकर त्रिवेदी, शिव मंदिर पटना मुरादपूर पुजारी पंडित अजय त्रिपाठी, श्री रघुनाथ मंदिर कबाड़ी बाजार पुजारी पंडित सर्वेश तिवारी, श्री नीलकंठ महादेव मंदिर पुजारी पंडित शैलेन्द्र मिश्रा शास्त्री, महासभा प्रवक्ता पंडित अजय शर्मा, शीतला मंदिर पुजारी पंडित शैलेन्द्र अवस्थी, महासभा मिडिया प्रभारी एस्ट्रो धर्मेंद्र बंसल, श्री संकट हरण हनुमान मंदिर पुजारी पंडित मिलन शास्त्री, पंडित ललित मिश्रा, मंशादेवी मंदिर पुजारी पंडित सुधाकर, पंडित राहुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्वतजनों ने विचार रखे.
पंचदिवसीय दीपावली पर्व पर श्रेष्ठ पूजन मुहूर्त इस प्रकार है-
18 अक्टूबर 2025, शनिवार
धन्वंतरि पूजन श्रेष्ठ मुहूर्त
सायं 5.46 बजे से 7.21 तक
धनतेरस खरीददारी मुहूर्त
दोपहर 12.19 बजे से सायं 4.20 तक
रात 8.55 बजे से देर रात्रि 1.38 तक तथा
19 अक्टूबर 2025 रविवार
सुबह 7.47 बजे से दोपहर 12.26 तक
दीपावली पूजन श्रेष्ठ मुहूर्त प्रतिष्ठान
20 अक्टूबर 2025, सोमवार
सायं 5.44 बजे से 7.19 बजे तक
मेष लग्न, चल चौघड़िया
प्रतिष्ठान के साथ घर पर पूजन मुहूर्त
सायं 7.05 बजे से रात्रि 9.01 बजे तक वृषभ स्थिर लग्न
निशीथ काल पूजन मुहूर्त
देर रात्रि 1.36 बजे से 3.53 तक सिंह लग्न शुभ चौघड़िया
गोबर्धन पूजन मुहूर्त
22 अक्टूबर 2025 बुधवार
सुबह 6.23 बजे से सुबह 9.13 तक
सायंकाल 6.59 बजे से 8.55 तक स्थिर लग्न शुभ चौघड़िया
भाईदूज स्नान,मंगल तिलक श्रेष्ठ मुहूर्त
23 अक्टूबर 2025 बुधवार
सुबह 10.38 बजे से दोपहर 1.27 बजे तक












