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100 बार रक्तदान कर नजीर बने राजकुमार, पिछले 16 सालों से रक्तदान कर मरीजों की बचा रहे जान

  • रक्तदान के लिए उत्तराखंड के राज्यपाल राजकुमार को कर चुके हैं सम्मानित
  • हापुड़।
    कहते हैं कि रक्तदान जीवन दान होता है। इस कहावत को चरितार्थ नगर की श्रीनगर कॉलोनी में रहने वाले राजकुमार कर रहे हैं। उनकी पत्नी को खून की कमी के कारण उनकी पत्नी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। काफी जद्दोजहद करने के बाद राजकुमार ने प्रण ले लिया था कि अब वह स्वयं रक्तदान कर ऐसे लोगों की जान बचाने का काम करेंगे।

श्रीनगर कॉलोनी में रहने राजकुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2008 उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा। इस वर्ष उनकी पत्नी जिंदगी और मौत से जूझ रही थी। चिकित्सकों ने उन्हें ब्लड का इंतजाम करने की बात कही थी। ब्लड का इंतजाम करने के लिए वह रिश्तेदारों से लेकर सगे संबंधियों और पड़ोसियों से भी गुहार लगा चुके थे। काफी कठिन परिश्रम के बाद दो यूनिट का इंतजाम हो पाया।

उसी दिन कर लिया था प्रण, खुद करूंगा रक्तदान

राजकुमार शर्मा बताते हैं कि जब अपनी पत्नी के लिए वह रक्त का इंतजाम नहीं कर पाए तो उनके मन में केवल और केवल एक ही बात आई की न जाने कितने लोग रक्त की कमी के कारण अपनी जान गवांते होंगे। इसलिए उसी दिन उन्होंने प्रण कर लिया था कि अब वह इस समस्या की वजह से किसी को परेशान नहीं होने देंगे।

व्हाट्सएप पर बना रखा है ग्रुप

राजकुमार शर्मा ने जरूरतमंद लोगोंके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना रखा है। इस ग्रुप के माध्यम से अगर उनके पास कोई सूचना पहुंचती है तो वह रक्तदान करने के लिए पहुंच जाते हैं। राजकुमार शर्मा पिछले 16 वर्षों से रक्तदान की सेवा में जुड़े हुए हैं। उनके इस सामाजिक काम के लिए उत्तराखंड के गवर्नर गुरमीत सिंह उन्हें सम्मानित भी कर चुके हैं। इसके अलावा राजकुमार शर्मा दिल्ली-एनसीआर के कई ब्लड बैंक में सम्मानित हो चुके हैं।

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