हाईकोर्ट बंेच की स्थापना को लेकर वकीलों ने किया प्रदर्शन, पीएम को भेजा ज्ञापन

हापुड़।
वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर हाईकोर्ट बेंच स्थापना केन्द्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर हापुड़ के अधिवक्ताओं ने हड़ताल कर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम अभिषेक पांडेय को दिया। वहीं अधिवक्ताओं की हड़ताल में बैनामा लेखक भी शामिल रहे और अपने कार्य से विरक्त रहे। इस कारण वादकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हापुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल और सचिव वीरेंद्र सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य में इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रयागराज में स्थित है। जिसकी एक बेंच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित है।
लखनऊ बेंच में आस-पास के 15 जिलो का क्षेत्राधिकार दिया गया है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 22 जिलों का क्षेत्राधिकार इलाहाबाद हाईकोर्ट को दिया गया है। सुगमता एव सुलभन्याय पाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद से प्रयागराज (इलाहावाद) हाईकोर्ट की दूरी 850 किलोमीटर से अधिक है। महाराष्ट्र राज्य के कोल्हापुर जिले में मात्र 1.64 लाख की आबादी पर चौथी हाईकोर्ट बंच की स्थापना की गयी है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिले जिनकी आबादी करीब 7 करोड़ से भी अधिक है तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं द्वारा करीब 50 वर्षों से बेंच स्थापना के लिए संघर्ष करने के उपरान्त भी हाईकोर्ट की बेंच स्थापना के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। जिस कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्तागणों में काफी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं व वादकारियों के साथ यह अन्याय है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलो का हाईकोर्ट इलाहाबाद उनसे 500 से 850 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जिस कारण वादकारी का न्याय पाने के लिए बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं व वादकारियों को सुगमता व सुलभ व सस्ता न्याय प्रदान करने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना करने के लिए भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित करने की कृपा करें। ज्ञापन देना वालों में विकास त्यागी, भोपाल शिशौदिया, जितेंद्र चौधरी, संजय चौधरी, सुधीर त्यागी, मुकुल चौधरी, पीयूष शर्मा, मोनिका सिद्धू, उज्जवल कंसल, सुधांशु दत्त शर्मा, नवाजिश, उज्जवल चौधरी आदि अधिवक्ता मौजूद थे।












