सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ ने 79वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के साथ मनाया

सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ ने 79वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के साथ मनाया
हापुड़,
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (SIMS), हापुड़ ने 79वां स्वतंत्रता दिवस भव्यता, एकता और गहरी देशभक्ति की भावना के साथ मनाया। पूरे परिसर में देशप्रेम और उत्साह का माहौल व्याप्त था।
कार्यक्रम की शुरुआत *प्राचार्या डॉ. बर्खा गुप्ता* द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, प्रशासनिक प्रमुख और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। तिरंगा जैसे ही आसमान में लहराया, पूरा परिसर राष्ट्रगान की गूंज से भर उठा। ध्वज स्तंभ के नीचे ताजे पुष्पों की सजावट और SIMS नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति ने इस क्षण को और भी प्रेरणादायक बना दिया।
अपने संबोधन में डॉ. बर्खा गुप्ता ने भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनकी विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है जब हम समाज की सेवा समर्पण और करुणा के साथ करें। उन्होंने चिकित्सा विद्यार्थियों से केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया और नैतिक तथा ईमानदार चिकित्सा अभ्यास के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
*श्री एन. वर्धाराजन, महाप्रबंधक – SIMS* ने अनुशासन को राष्ट्र निर्माण की नींव बताते हुए कहा कि “कर्म ही धर्म है” का सिद्धांत जीवन के हर क्षेत्र में ईमानदारी, परिश्रम और निःस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर *चेयरमैन डॉ. जे. रामचन्द्रन और वाइस चेयरपर्सन सुश्री राम्या रामचन्द्रन* ने संपूर्ण SIMS परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रेषित किए।
साथ ही *सीनियर एडवाइज़र डॉ. आर.के. सहगल, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन श्री आर. दत्त और अस्पताल प्रशासक डॉ. वाई.सी. गुप्ता* ने भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में एमबीबीएस छात्रों ने देशभक्ति गीतों और कविताओं की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित सभी लोगों के हृदय को भावनाओं और राष्ट्रीय गर्व से भर दिया। इन प्रस्तुतियों ने एकता, सेवा और मातृभूमि के प्रति प्रेम के मूल्यों को और भी सशक्त किया।
कार्यक्रम का समापन सभी छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ को मिठाइयां वितरित करने के साथ हुआ, जो स्वतंत्रता की खुशी और आपसी भाईचारे का प्रतीक था। इस अवसर पर प्रशासनिक स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह समारोह “एकता में विविधता” का सजीव उदाहरण बन गया।
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ न केवल कुशल स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करने के अपने मिशन पर अग्रसर है, बल्कि जिम्मेदार राष्ट्र-निर्माताओं को भी गढ़ रहा है। संस्थान का यह विश्वास है कि “मानवता की सेवा करना ही सर्वोच्च देशभक्ति है।”












