विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन की समस्याओं को लेकर शैक्षिक महासंघ ने बीईओ मुख्यालय को सौंपा ज्ञापन

विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन की समस्याओं को लेकर शैक्षिक महासंघ ने बीईओ मुख्यालय को सौंपा ज्ञापन
हापुड़। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद हापुड़ के जिला अध्यक्ष अशोक कश्यप जी के नेतृत्व में आरटीई 2009 मानकों के तहत विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय देशराज वत्स को ज्ञापन सौपा गया।
कार्यकारी जिला अध्यक्ष विजय कुमार त्यागी ने बताया कि ऐच्छिक स्थानांतरण एवं समायोजन प्रक्रिया में अध्यापकों के कार्य मुक्त किए जाने एवं कार्यभार ग्रहण करने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए थे, उक्त निर्देशों के क्रम में विषय, कैडर एवं पदनाम का भली-भांति परीक्षण करने के उपरांत ही कार्य मुक्त एवं कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे। परंतु स्कूलों की सही तरह से सब्जेक्ट मैपिंग ना होने के कारण विद्यालयों में एक ही विषय के कई सारे अध्यापक पहुंच गए जिसके कारण छात्रों को गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा नहीं मिल पाएगी आरटीई 2009 मानक के तहत उच्च प्राथमिक स्तर पर 100 तक छात्र संख्या पर विषय वार कम से कम तीन शिक्षक होने चाहिए, इनमें एक शिक्षक गणित एवं विज्ञान, एक शिक्षक भाषा एवं एक शिक्षक सामाजिक विज्ञान का होना अनिवार्य है, जबकि स्थानांतरण में मानकों का पालन नहीं किया गया है। कुछ विद्यालयों में उर्दू भर्ती से नियुक्त तीन-तीन शिक्षक पहुंचा दिए गए, वहीं कुछ विद्यालयों में गणित/विज्ञान के तीन-तीन शिक्षक मौजूद हैं। महोदया उच्च प्राथमिक स्तर पर ना तो विषय वार रिक्तियो को जांचा गया और ना ही विषय वार सरप्लस शिक्षकों की सूची प्रदर्शित की गई जिसके कारण किसी किसी विद्यालय में भाषा के तीन-तीन शिक्षक पहुंच गए और किसी-किसी में विज्ञान के तीन-तीन शिक्षक हो गए। जो आरटीई 2009 मानक के तहत उचित नहीं है जिसके कारण बच्चों को गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा नहीं मिल पाएगी। जिला अध्यक्ष श्री अशोक कश्यप जी ने बताया कि सम्पदा पर UPS में कार्यरत बहुत से शिक्षकों की subject mapping त्रुटिपूर्ण है, उदाहरण के तौर पर उर्दू शिक्षक को भाषा की जगह गणित, विज्ञान या SST का टीचर दर्शा दिया गया है। और जहां विज्ञान के टीचर है वहां उनको एसएसटी का टीचर दर्शाया गया है संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का त्रुटिपूर्ण विवरण ठीक नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण ऐच्छिक स्थानांतरण और समायोजन में, जिन प्राथमिक विद्यालयों के सरप्लस प्रधानाध्यापकों को उनके विषय के अनुसार स्थानांतरित नहीं गया है। इसके अलावा त्रुटिपूर्ण सूची के कारण बहुत से विद्यालय एकल शिक्षक हो गए हैं।
संजय सक्सेना ने पेयरिंग के संबंध में शिकायत करी है और बताया कि विद्यालयों की पेयरिंग करते समय विद्यालय में उपलब्ध कक्षों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पेयरिंग करें। बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के पत्रांक: बेसिक शिक्षा अनुभाग- 5……. दिनांक 16-6-2025 के दौरान पेयरिंग करते समय वहां पर अवस्थापना सुविधाएं और संसाधनों को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्रों को अच्छा विद्यालय भवन व विषय वार शिक्षक प्राप्त हो सके। जहां पर वह गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा प्राप्त कर सके। आदर्श गोयल ने मानक विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय तथा बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय निजी विद्यालयों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है, जिस कारण परिषदीय विद्यालयों में छात्रों का नामांकन कम हो रहा है। तथा शिक्षकों को गैर विभाग के परीक्षाओं में ड्यूटी लगाई जाने के कारण बच्चों को शिक्षकों से वंचित होना पड़ रहा है अतः उनकी ड्यूटी ना लगाई जाए ।
ज्ञापन देने वालों में उमेश त्यागी ,सोनू सिंह ,संदीप पाटिल ,प्रवेश कुमार, यामीन संजय सक्सेना आदि थे












