रिलायंस पावर प्रोजेक्ट की भूमि खरीदने व बेचने वालों पर होगी एफआईआर दर्ज:रमेश चंद तोमर, 7 गांवों के 5827 किसानों की 903 .449 हे.भूमि अधिग्रहित की थी

हापुड़।
हापुड़ गाजियाबाद लोकसभा सीट से भाजपा से चार बार लगातार सांसद रहे डा.रमेश चंद तोमर ने कहा कि उन्होंने अपने चार बार के संसदीय कार्यकाल में अपने क्षेत्र के किसान,व्यापारी व मजदूरों के हितों की लड़ाई लडक़र उन्हें हमेशा न्याय दिलाने का कार्य किया है। अब उन्होंने धौलाना क्षेत्र के जिन किसानों की रिलायंस पावर प्रोजेक्ट में किसानों की भूमि गई है,उनका हक दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर गुहार लगाई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में जनपद गाजियाबाद की हापुड़ तहसील जो वर्तमान में धौलाना तहसील जनपद हापुड़ में रिलायंस पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए 150 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से सात गांवों के 5827 किसानों की 903.449 हेक्टेअर भूमि सरकार से माध्यम से किया गया।
उन्होंने बताया कि 5314 किसानों ने मुआवजा उठा लिया। जबकि 513 किसानों ने मुआवजा नहीं उठाया,और वह वर्ष 2008 में हाईकोर्ट की शरण में चले गये। वर्ष 2009 में कोर्ट ने नोटिफिकेशन रद्द कर दिया। जिसके खिलाफ रिलायंस कंपनी सुुप्रीम कोर्ट चली गयी। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर 6 अगस्त 2014 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
पूर्व सांसद ने बताया कि रिलायंस पावर प्रोजेक्ट की भूमि को सरकार ने ऊर्जा विभाग के नाम दर्ज करा दी है। इस स्थिति में सरकार को किसानों से समझौता करना चाहिए। कि गांवों की अधिग्रहित भूमि का चार गुना मुआवजा मिलता है,सरकार ने किसानों को पूर्व में मिले पैसे का काटते हुए तीन गुना मुआवजा दें। इस मामले को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा है। प्रदेश सरकार किसान हितैषी है,सरकार जिलाधिकारी से वार्ता कर उक्त समस्या का समाधान शीघ्र करेगी। ऐसा मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन भी दिया है।
पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर ने बताया कि रिलायंस प्रोजेक्ट वाली भूमि पर भूमाफियाओं ने कब्जा करना भी शुरू कर दिया है। कुछ भूमि का खरीद फरोख्त भी की गयी है। जो अब गैर कानूनी है,रिलायंय प्रोजेक्ट वाली भूमि को खरीदने वे बेचने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने बताया कि रिलायंस पावर प्रोजेक्ट की भूमि के जो बैनामे किये गये है,उन्हें खत्म किये जायेंगे।












