रंग पंचमी 8 मार्च 2026 को मनाई जाएगी – पं. सुबोध पाण्डेय

रंग पंचमी 8 मार्च 2026 को मनाई जाएगी – पं. सुबोध पाण्डेय
यह चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर आती है, जो होली के पांचवें दिन होती है।
पंचमी तिथि 7 मार्च 2026 को शाम 7:17 बजे शुरू होकर 8 मार्च को रात 9:11 बजे तक रहेगी। इसलिए उदय तिथि के अनुसार पूरा दिन 8 मार्च (रविवार) को उत्सव मनाया जाएगा ।
सूर्योदय लगभग सुबह 6:46 बजे होगा।
पंचमी पर देवी-देवताओं, विशेषकर भगवान कृष्ण और राधा को रंग-गुलाल चढ़ाया जाता है।
रंग पंचमी हिंदू पंचांग के चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया इस त्यौहार को देवताओं की होली के नाम से भी जाना जाता है।भगवान कृष्ण और राधा रानी द्वारा खेली गई होली से जुड़ा है, जहां देवी-देवता भी रंगों के साथ शामिल होते हैं। रंग उड़ाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा आती है और रज-तम गुणों का नाश होता है। इससे सुख-समृद्धि प्राप्त होती हैं
लोग अबीर-गुलाल हवा में उड़ाते हैं, न कि एक-दूसरे पर लगाते। राधा-कृष्ण या लक्ष्मी-नारायण की पूजा की जाती हैं।
रंग पंचमी की पूजा सरल और भक्ति भरी होती है, मुख्य रूप से भगवान कृष्ण, राधा रानी, शिव-पार्वती और माता लक्ष्मी की की जाती है।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें घर के मंदिर में उत्तर दिशा में चौकी सजाएं, राधा-कृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। तांबे के कलश में जल भरकर रखें, कुंकुम-चंदन से तिलक लगाएं।
गुलाल, अबीर, फूलमाला, चंदन और पुष्प अर्पित करें।घी का दीपक जलाएं, धूप-दीप दिखाएं, नैवेद्य (फल, मिठाई) चढ़ाएं।राधा-कृष्ण को रंग लगाएं, आरती उतारें और नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाएं।
लक्ष्मी-विष्णु को लाल गुलाल अर्पित करें।
कनकधारा स्तोत्र पढ़ें इससे धन लाभ होता है।कृष्ण-राधा को लाल वस्त्र, चंदन और पीला-गुलाबी गुलाल अर्पित करें वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।वट वृक्ष की 108 परिक्रमा करें, लाल धागा बांधें विवाह बाधाएं दूर होती हैं
पर्स में हल्दी की गांठ या पीला धागा रखें आर्थिक उन्नति के द्वार खुलते हैं।तुलसी पर रंग-जल छिड़कें, मुख्य द्वार पर गुलाल लगाएं; घर में सुख-शांति बनी रहती है।
व्रत में शाम को फलाहार करें और अगले दिन दान करें।
रंग पंचमी पर भगवान कृष्ण, राधा रानी और विष्णु-लक्ष्मी के मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। मुख्य रूप से नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। 108 बार जाप से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
ऐं श्रीं राधायै नमः वैवाहिक सुख के लिए लाभकारी मंत्र हैं।
श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः धन लाभ हेतु मंत्र हैं।
आरती के बाद प्रसाद बांटें, एक-दूसरे को रंग लगाकर होली खेलें।
सात्विक भोजन ग्रहण करें या व्रत रखने वाले अगले दिन दान के बाद तोड़ें। इससे सुख-समृद्धि मिलती है।
//श्री ज्योतिष कार्यालय//
ज्योतिर्विद पं. सुबोध पाण्डेय
देवलोक कॉलोनी हापुड़
सम्पर्क सूत्र 9634408321












