मिशन शक्ति अभियान के तहत एक दिन की डीएम बनी नैंसी, ऑपरेशन सिंदूर में महिला सेना के योगदान भी महिला शक्ति की पहचान

मिशन शक्ति अभियान के तहत एक दिन की डीएम बनी नैंसी,
ऑपरेशन सिंदूर में महिला सेना के योगदान भी महिला शक्ति की पहचान
हापुड़। मिशन शक्ति अभियान के तहत इंटर की छात्रा नैंसी ने आज कलेक्ट्रेट पहुंच एक दिन की डीएम का कार्यभार संभाला और एक बुजुर्ग महिला को न्याय दिलवाया। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में निरीक्षण कर विभिन्न सुझाव दिए।
बुधवार को सिंभावली क्षेत्र में स्थित आएसके इंटर कॉलेज की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली मेधावी छात्रा नैन्सी को एक दिन का डीएम बनाया गया । उन्होंने पिलखुवा की राणा पट्टी निवासी बुजुर्ग महिला रूपवती को पेंशन दिलवाई। इस कार्रवाई से रूपवती को न्याय मिला ।
नैंसी ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न शाखाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति योजना महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन न कर सकें। नैंसी ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण दिया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने का इतिहास रचा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में महिला सेना के योगदान को भी महिला शक्ति की पहचान बताया।
उन्होंने गांवों में खुली सरकारी पुस्तकालयों को निजी पुस्तकालयों की तर्ज पर विकसित करने का सुझाव दिया।
कलेक्ट्रेट निरीक्षण के बाद, नैंसी ने एक विद्यालय का भी दौरा किया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लिया।
नैंसी ने बताया कि उनका सपना आईएएस बनने का है,जो आज एक दिन की डीएम बनकर पूरा हुआ। वह पूरी मेहनत से पढ़ाई कर एक दिन आईएएस बनेगी।












