बाइकसवार युवक व चार बच्चों की मौत से पूरा मौहल्ला गमगीन, शवों को किया सुपुर्द-ए-खाक, कैंटर चालक का अभी तक नहीं लगा सुराग

बाइकसवार युवक व चार बच्चों की मौत से पूरा मौहल्ला गमगीन, शवों को किया सुपुर्द-ए-खाक, कैंटर चालक का अभी तक नहीं लगा सुराग
हापुड़। नगर निवासी राजमिस्त्री परिवार सहित पिकनिक मनाकर लौटते समय कैंटर से हुई पिता व दो बच्चों, भतीजे व पड़ोसी के बेटे की मौत के बाद पूरा मौहल्ला गमगीन है। भारी भीड़ व पुलिस की मौजूदगी में नमः आंखों से शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
जानकारी के अनुसार मजीदपुरा निवासी दानिश (35), उनकी पत्नी रेशमा, बड़ी बेटी मायरा (10), छोटी बेटी समायरा (7), भतीजा समर (8), साला शहजादे, उसकी पत्नी अरिता, पड़ोसी वकील की बड़ी बेटी इंशिया, छोटी बेटी अरीबा और बेटा माहिम (9) घर से 20 किलोमीटर दूर मिठेपुर गांव के एक निजी स्कूल के स्विमिंग पूल में नहाने गए थे।
हाफिजपुर थाना क्षेत्र में बुधवार की रात को बेकाबू कैंटर ने एक बाइक सवार पर पिता, दो बेटी और एक भतीजा व पड़ोसी कै बेटे को कुचल दिया। जिससे सभी की मौत हो गई।
दानिश चाचा और उनके साले ने बहुत शराब पी रखी थी माहिम की बहन इंशिया ने बताया- स्विमिंग पुल में नहाने के दौरान दानिश चाचा और शहजादे अंकल ने बहुत शराब पी थी। दो और लोग भी उनके मिलने वाले आए थे। शराब पीने के बाद दानिश चाचा लौटने के लिए बोलने लगे। वे नशे में इतने धुत थे कि ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे।
उनकी हालत देखकर उनकी पत्नी रेशमा चाची ने बाइक पर बैठने से मना कर दिया था और शहजादे की बाइक पर बैठ गई थीं। सभी उनको बाइक चलाने से मना कर रहे थे। पर वे नहीं मानें। लौटते समय कैंटर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव जैसे ही पहुंचे तो परिजन में कोहराम मच गया और मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। मासूम बच्चे के शवों को देख हर किसी की आंखे नम थी। नम आंखों के बीच शवों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
शवों को किया सपर्द-ए-
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब दानिश, उनकी दो बेटियों, भतीजे और पड़ोसी की बेटी के शव रफीकनगर, मजीदपुरा मोहल्ले में पहुंचे, तो वहां का मंजर दिल दहला देने वाला था। दानिश की पत्नी रेशमा अपने पति और दोनों बेटियों के शव देखकर बेहाल हो गईं। परिजनों और पड़ोसियों का रो-रोकर बुरा हाल था। महिलाएं एक-दूसरे को सांत्वना देने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन मासूम बच्चों के शवों को देखकर हर किसी की आंखें नम थीं,,। दोपहर को शवों को ईदगाह स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।












