न्यायिक अधिकारी का पेशकार बनाने का झांसा देकर तीन लाख रुपए की ठगी

हापुड़।
थाना हापुड़ क्षेत्र निवासी एक युवती ने पड़ोस में रहने वालें दो व्यक्तियों पर पर मेरठ न्यायालय में एक न्यायाधीश के पेशकार बनाने का झांसा देकर
3.87 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जरनल के फर्जी हस्ताक्षर वाला ज्वाइनिंग लैटर थमा दिया। जब नौकरी नहीं लगी तो ठगी का पता लगा। अब पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र
दिया है। न्यायालय ने कोतवाली पुलिस ने 14 नवंबर तक प्रारंभिक रिपोर्ट भी मांगी है।
मोहल्ला लज्जापुरी गली नंबर-3 के निवासी कैलाश ने बताया कि गली नंबर-4 में दो युवक जून 2020 में उसके घर आए। दोनों ने बताया था कि उनकी इलाहाबाद हाईकोर्ट में बड़े-बड़े अधिकारियों से सांठ-गांठ है। वह उनकी पुत्री की नौकरी मेरठ में न्यायाधीश के पेशकार के रुप में लगवा
देंगे। इसके लिए पांच लाख रुपये तय किए गए थे। पीड़ित ने अलग-अलग मदों के माध्यम से आरोपियों को 3.87 लाख रुपये भी दे दिए थे। जिसके बाद आरोपियों ने मेरठ ले जाकर कुछ कागजात उन्हें दिए और कहा कि अब उनकी पुत्री की नौकरी पेशकार के रुप में लग गई है। एक सितंबर 2021 को वह अपनी पुत्री की नौकरी की ज्वाइंनिंग कराने के लिए मेरठ गए तो पता लगा कि जो कागज उन्हें दिए गए हैं, वह फर्जी है। अब पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित किया है सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरुप जांच शुरु करते हुए 14 नवंबर तक न्यायालय में प्रस्तुत करें।












