डीएम की संस्तुति पर बीईओ को संस्पेड करने का मामला: संस्पेंशन व एसओपी पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक, डीएम को बीईओ को संस्पेड करने की संस्तुति का अधिकार नहीं

डीएम की संस्तुति पर बीईओ को संस्पेड करने का मामला: संस्पेंशन व एसओपी पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक, डीएम को बीईओ को संस्पेड करने की संस्तुति का अधिकार नहीं
हापुड़।
हापुड़ में बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात बीईओ योगेश गुप्ता को डीएम की संस्तुति के बाद शासन द्वारा संस्पेड करने व डीएम द्वारा बनाई गई एसओपी पर हाइकोर्ट ने रोक लगा दी। हाइकोर्ट ने कहा कि डीएम को बीईओ के सस्पेंशन करने की सिफारिश का अधिकार नहीं है। चार अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय योगेश गुप्ता की अनियमितताओं की शिकायत शिक्षक नेताओं ने डीएम अभिषेक पाण्डेय से की थी,जिस पर डीएम ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर बीईओ योगेश गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटाकर शासन को निलम्बित करने की संस्तुति की थी।
डीएम के पत्र पर शासन के निर्देश पर अपर शिक्षा निदेशक बेसिक प्रयागराज ने खंड शिक्षा अधिकारी योगेश गुप्ता को निलंबित कर दिया था।
इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी योगेश गुप्ता ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी।
इस मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने कोर्ट ने 29 मई व दो मई के आदेशों पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने माना कि ज़िला मजिस्ट्रेट को ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि वह बीईओ के संबंध में सिफारिश करें, और यह भी स्पष्ट किया कि एडिशनल डायरेक्टर बेसिक एजुकेशन ने केवल डीएम की रिपोर्ट पर कार्यवाही की है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता ड्यूटी पर बने रहेंगे और उनका वेतन नियमित रूप से दिया जाएगा। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि अनुशासनात्मक कार्यवाही अगर चल रही हो तो वह कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जा सकती है, और याचिकाकर्ता को उसमें सहयोग देना होगा।अगली सुनवाई की तिथि: 04 अगस्त 2025 को होगी।












