गणतंत्र दिवस हमारे देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है – गीता पैट्रिक

हापुड़।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय पीरनगर सुदाना में गणतंत्र दिवस का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल के बच्चे, अध्यापक गांव के सम्मानित लोग तथा जिला हापुर शहर से आए हुए काफी लोग उपस्थित रहे। विद्यालय के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किया।
महिला जागृति फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा गीता पैट्रिक ने
अपने संबोधन में कहा
भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। जिसकी शुरुआत 1950 से हुई थी। लेकिन आखिर इस दिन क्या हुआ था ? और क्यों इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने के लिए चुना गया ?
हम आपको बताते हैं, दोस्तों भारत में 26 जनवरी को मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस हमारे देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दिन हमारे देश का संविधान लागू होने और भारत को स्वतंत्र, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में घोषित किए जाने का भी प्रतीक है। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर परेड होती हैं, झंडा फहराया जाता है, और
अलग-अलग राज्यों की झांकियां निकाली जाती हैं। भारत का संविधान 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन में बनकर 26 नवंबर 1949 को तैयार हो गया था।
लेकिन फिर इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी ही क्यों चुना गया ? चलिए अब पूरा इतिहास जानते हैं।
दोस्तों साल 1930 में 26 जनवरी के दिन ही लाहौर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की मांग और घोषणा की थी।
26 जनवरी को संविधान लागू करके भारत ने ब्रिटिश शासन से आजादी के अपने संघर्ष को पूरा किया और एक नए युग की शुरुआत की। इस दिन भारत ने ब्रिटिश शासन से आजादी का संघर्ष को पूरा किया और देश में लोकतांत्रिक युग की शुरुआत हुई। गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है ? दोस्तों गणतंत्र दिवस भारत के मूल्यों का उत्सव है यह दिन हमें याद दिलाता है हम सब बराबर है, और देश के शासन में हमारी भी भागीदारी है। ये दिन देश की कई जातियां संस्कृतियों और धर्म को एकजुट होने का अवसर देता है। वैसे गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान की महत्व को भी याद दिलाता है, जो हमारे अधिकारों और कर्तव्य को परिभाषित करता है। वैसे 26 जनवरी का दिन हमें भारत के नागरिक के तौर पर हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। हम इस दिन संविधान को अपनाने का भी जश्न मनाते हैं, हमारे संविधान सभी को न्याय स्वतंत्रता समानता और भाईचारे के लिए जाना जाता है। गणतंत्र दिवस हमें कानून का सामान करना अपने देश का सम्मान करना, और देश समाज के लिए अपने जिम्मेदारियो को पूरा करना सीखना है। नेता और सरकार से देश नहीं चलता हैं, संविधान और जनता से देश चलता है, देश को आजाद हुए 77 वर्ष हो गए लेकिन पुरुष प्रधान देश चल रहा है महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है।












