संस्कार केंद्रों पर बच्चों ने हर्ष और उल्लास के साथ मनाया रक्षाबंधन पर्व

हापुड़।
शिक्षा भारती द्वारा संचालित दोनों संस्कार केंद्रों गोयना ग्राम एवम दस्तोई ग्राम में अध्ययनरत बच्चों ने रक्षाबंधन पर्व अति हर्ष और उल्लास के साथ मनाया।
इन बच्चों ने पहले प्रतियोगिता के रूप में रखी बनाई । तत्पश्चात छात्रा बहिनों ने छात्र भाइयों के माथे पर रोली तिलक एवं अक्षत लगा कर हाथ की कलाई पर राखी बांधी । एवं मिठाई खिलाई ।
इन छोटे छोटे प्रयासों से अध्ययनरत बच्चों के बाल सुलभ मन में भारतीय संस्कृति की खूबसूरती का गहरा प्रभाव पड़ता है। गोयना में हुई राखी प्रतियोगिता में प्रथम कक्षा में क्रमशः जिग्नेश,मुकुल सैनी और लिबा ने स्थान प्राप्त किये। के जी कक्षा में क्रमशः लुत्फ रानी, सैफी और हर्षित एवं नर्सरी कक्षा में क्रमशः मिस्टी, परी, यांशी एवं आकांक्ष ने बाजी मारी।
गोयना ग्राम के कार्यक्रम में रविन्द्री, चिंकी एवं चीनू का योगदान रहा । वहीं दस्तोई ग्राम में पूनम शर्मा, शिल्पी शर्मा एवं राखी शर्मा का पूरा पूरा सहयोग रहा।
त्यौहार पर बच्चों द्वारा की प्रतियोगिताओं एवं सुन्दर कार्यक्रम की सफलता पर प्रबन्धन द्वारा सभी बच्चों एवं टीचर्स को शुभकामनाएं प्रदान की गई एवं विजेता बच्चों को स्वाति गर्ग, कुलदीप कसाना, मुकेश कुमार तोषनीवाल, शेषादेव समल, विशाखा गोयल द्वारा बधाई दी गई।एवं सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कामना की गई।













Throughout this grand design of things you actually get an A for effort and hard work. Where exactly you actually misplaced everybody was in all the facts. You know, it is said, the devil is in the details… And it could not be much more true in this article. Having said that, permit me inform you just what did deliver the results. Your text is really persuasive which is probably why I am taking the effort to comment. I do not really make it a regular habit of doing that. Second, even though I can notice the leaps in logic you come up with, I am not really sure of just how you seem to unite your points which make your final result. For now I will, no doubt subscribe to your point but hope in the near future you link the facts much better.