घोटाला : 19.5 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान को लेकर जीएसटी के दो एडिशन कमीश्नर निलम्बित ,मचा हड़कंप

घोटाला : 19.5 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान को लेकर जीएसटी के दो एडिशन कमीश्नर निलम्बित ,मचा हड़कंप
हापुड़। शासन ने राज्य के जीएसटी विभाग , हापुड़ में 19.5 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी घोटाले को लेकर दो
एडिशन कमीश्नरों को निलम्बित कर दिया। जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
शासन द्वारा हापुड़ जिलें में बोगस फर्मों को लेकर हो रहे घोटालों की जांच करवाई गई, जिसमें हापुड़ क्षेत्र में 12 जुलाई 2024 को दर्ज एफआईआर में आरोपी उमेरुल निशा ने 2 मई 2023 को गढ़मुक्तेश्वर के स्याना चौपला में निशा इंटरप्राइजेज फर्जी फर्म का जीएसटी पंजीकरण कराया। इसके लिए उसने अपने आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया। 27 जुलाई 2024 को मोबाइल ऐप जांच में फर्म संदिग्ध पाई गई और 12 जुलाई 2024 को स्थलीय सत्यापन में इसका अस्तित्वहीन होना साबित हुआ।
विभाग के अनुसार
फर्म के अस्तित्वहीन पाए जाने के बाद पंजीकरण निरस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया और 5.37 करोड़ रुपये की आईटीसी ब्लॉक कर दी गई। बावजूद इसके, उमेरुल निशा ने बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के वित्तीय वर्ष 2023-24 में 15.08 करोड़ और 2024-25 में 5 करोड़ रुपये की आईटीसी अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। कुल नुकसान सरकारी खजाने को 19.5 करोड़ रुपये का हुआ
विभागीय जांच में सामने आया कि सहायक आयुक्तों ने पंजीकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती। इससे फर्जी फर्मों को लाभ मिला।
शासन ने मामले में हापुड़ में तैनात रहे एडिशनल कमिश्नर जितेंद्र कुमार और अभय कुमार पटेल को निलम्बित कर हापुड़ के उपायुक्त लालचंद के खिलाफ भी अनुशासनात्मक जांच शुरू की गई है। इस कार्रवाई के बाद जीएसटी विभाग में हड़कंप मच गया है।












