एसपी ने ग़लत विवेचना पर दरोगा को किया सस्पेंड

गलत बयान दर्ज कराने पर दरोगा निलंबित
हापुड़। बाबूगढ़ थाने में तैनात एक दरोगा ने दुष्कर्म के मामले की विवेचना में दरोगा ने आरोपियों को बचाने के लिए फर्जी बयान दर्ज किए। वहीं, चार्जशीट में पीड़िता की मृत मां के भी बयान दिखा दिए। जबकि पीड़िता की मां की दो वर्ष पहले मौत हो गई थी। जांच के बाद एसपी ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है।
बाबूगढ़ थाना क्षेत्र की महिला के साथ जुलाई में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसमें गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के गांव नाहल निवासी परवेज, जुबेर व रिजवान के खिलाफ महिला के परिजनों ने 16 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच उप निरीक्षक अनोद कुमार को सौंपी गई थी।
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आरोप है कि मामले में जांच अधिकारी ने केवल एक आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जबकि दो अन्य के नाम निकाल दिए थे। इसकी एवज में जांच अधिकारी ने लोगों के फर्जी बयान दर्ज किए थे। इसके साथ दरोगा ने पीड़िता की मां के बयान दर्ज किए, जबकि जबकि मां की मृत्यु दो अगस्त 2023 को हो चुकी थी।
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने सीओ से जांच कराई। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले में विवेचक एसएसआई को दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।












